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Sunday, June 15, 2008

पाकिस्तान ने फाइनल मैच जीता

ढाका. पाकिस्तान ने भारत को 25 रन से हराकर तीन देशों के बीच खेली गई त्रिकोणिय सीरिज का फाइनल मैच में जीत लिया है। पाकिस्तान की जीत में उमरगुल 4 विकेट , यूनिस खान 108 और सलमान बट्ट 127 का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पाकिस्तान के बल्लेबॉज यूनिस खान को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया है।

315 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की पूरी टीम 290 रन बनाकर आउट हो गई । भारत की तरफ से युवराज सिंह 59 और धोनी 64 रन का स्कोर किया।

मैन ऑफ द सीरिज : सलमान बट़ट सलमान बट्ट को इस त्रिकोणिय सीरिज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया है ।

Monday, May 19, 2008

राखी से बेहतर डांसर हूं

मुंबई. संभावना सेठ बालीवुड आइटम गर्ल संभावना सेठ का कहना है कि वह राखी सावंत से बेहतर डांसर है।

फिल्म ‘36 चाइना टाउन’, ‘सौदा’, ‘पागलपन’ और ‘काफिला’ जसी फिल्मों में जबरदस्त डांस करके चर्चा में आईं संभावना कहती हैं कि वह राखी सावंत से कहीं बेहतर डांस करती हैं।

वह कहती हैं कि राखी किस्मत की धनी हैं। डांस करने के लिए उन्हें हमेशा अच्छे गाने मिले हैं। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि वह एक बेहतर डांसर हैं।

स्टांप पेपर घोटाले में लिप्त रहे अब्दुल करीम तेलगी पर बनी फिल्म ‘मुद्रांक’ में दोनों ने एक-एक गाने पर डांस किया है। वह कहती हैं कि उन्हें ज्यादा प्रशंसा मिल रही है।

फिल्म के निर्देशक शाकिर शेख ने उनकी बात को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने राखी सावंत से बेहतर परफॉर्म किया है। जेल में फिल्म देखने के बाद तेलगी ने भी संभावना के डांस को बेहतर बताया है।

Wednesday, March 5, 2008

सचिन हैं क्रिकेट के जादूगर : रीबोक

मेलबोर्न: प्रसिद्ध क्रिकेट लेखक पीटर रिबोक ने सचिन तेंडुलकर के दोनों फाइनलों में किए गए यादगार प्रदर्शन पर उनकी दिल खोलकर तारीफ करते हुए कहा कि मास्टर ब्लॉस्टर क्रिकेट इतिहास के सबसे जादुई और सम्मोहक बल्लेबाजों हैं।

सिडनी मानिर्ंग हेराल्ड में अपने कॉलम में रीबोक ने लिखा पिछले 15 सालों में क्रिकेट के प्रंशसकों ने कई शानदार खिलाड़ियों को देखा, लेकिन सचिन तेंडुलकर और शेन वार्ने का क्रिकेट कैरियर सबसे विलक्षण रहा है।

ये दोनों खिलाड़ियों ने अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया, लेकिन साथ ही वे असाधारण प्रतिभा के धनी क्रिकेट के कलाकार भी थे।

वार्न की ताकत उनकी जोरदार प्रतिस्पर्धी भावना थी। तो सचिन एक बल् लेबाजी के शास्त्री थे, लेकिन वे अहम से कोशों दूर एक परिपूर्ण स्ट्रोक प्लेयर हैं।

रिबोक ने भारतीय नवजवान खिलाड़ियों की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रिकी पोंटिंग की टीम का टेस्ट और वन डे सिरीज दोनोंे में निडर होकर सामना किया।

नग्न को किया चित

ब्रिसबेन:symonds ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच आज कॉमनवेल्थ बैंक क्रिकेट सीरीज के दूसरे फाइनल मैच के दौरान मैदान में घुस आए एक नग्न व्यक्ति को ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउण्डर एंड्रयू सायमंड्स ने धराशायी कर दिया। इस वाकये के दौरान मैदान पर पुलिस के आ जाने से अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए जिसकी वजह से मैच थोड़ी देर के लिए रुक गया।

हुआ यूं कि मैच की दूसरी पारी में जब सायमंड्स बल्लेबाजी कर रहे थे तभी एक नग्न व्यक्ति सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए सबको आश्चर्यचकित कर मैदान में आ घुसा मगर सायमंड्स ने उसे रग्बी के मंझे हुए खिलाड़ी की तरह कंधे से धक्का मारकर धराशायी कर दिया।

बाद में मैदान पर पहुंची पुलिस ने पिच पर पहुंचे नग्न व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। उसे जुर्माना या फिर गाबा मैदान में प्रवेश पर आजीवन पाबंदी की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

Sunday, February 17, 2008

कंट्रोवर्सी क्वीन ब्रिटनी स्पीयर्स

ब्रिटनी स्पीयर्स की पैदाइश लुइसियाना प्रांत में एक बेप्टिस्ट घर में हुई। वो अच्छी जिमनास्ट रहीं और 9 साल की उम्र तक स्टेट लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा भी लेती रहीं। महज 13 साल की उम्र में द न्यू मिकी माउस क्लब, फ्लोरिडा के लिए चुनाव हुआ, अजीब इत्तेफाक है कि इस शो के लिए उनके साथ फ्यूचर सेलिब्रिटीज क्रिस्टीना एग्यूलेरा, जस्टिन टिंबरलेक और रयान गॉसलिंग भी चयनित हुए थे। आगे चलकर वो इन्हीं फैलो पॉप स्टार्स के साथ कैरियर की ऊंचाइयां चढ़ती गईं।

लहराया परचम

ब्रिटनी की सफलता का परचम 1999 के डेब्यू एलबम ‘बेबी वन मोर टाइम’ से लहराया। ये बिलबोर्ड का टॉपिंग सिंगल रहा, इसे 100 गेट्रेस्ट सांग ऑफ ऑल टाइम का दर्जा प्राप्त है। दूसरे एलबम ‘ऊप्स..आई डिड इट अगेन’ ने भी काफी नाम कमाया। इसकी पूरी दुनिया में 2 करोड़ 50 लाख कॉपियां बिकीं। ‘टॉक्सिक ’ ने ब्रिटनी को ग्रेमी अवार्ड दिलवाया। उनका अब तक का आखिरी एलबम ‘ब्लैकआउट’ 2007 में आया।

पुरस्कारों की बौछार

म्यूजिक वर्ल्ड की शोहरत के कारण ब्रिटनी कोकई हाई प्रोफाइल एडवरटाइजमेंट डील और एंडोर्स्मेंट्स भी मिले। अवार्ड्स के मामले में वर्ष 1999 उनके लिए काफी लकी रहा। इस साल उन्हें बिलबोर्ड के चार म्यूजिक अवार्ड्स और फीमेल आर्ट्स्टि ऑफ द ईयर से नवाजा गया। उन्हें अमेरिकन म्यूजिक अवार्ड से भी नवाजा गया। 2000 में उन्हें ग्रेमी अवार्ड के लिए नामांकित किया गया लेकिन क्रिस्टीना एग्युलेरा और सारा मैकलैचलन ने पछाड़ दिया। वैसे ब्रिटनी का दिल बहुत बड़ा है, उन्होंने अपने पर्सनल इस्तेमाल की कई चीजें ई-बे पर नीलाम कीं, इसका पूरा पैसा हरीकेन ‘कैटरीना’ के पीड़ितों को गया। इस सामान में ज्वेल स्टडेड अंडर गारमेंट्स और मशहूर कंपनी जे.क्रू के फिल्प फ्लॉप्स शामिल थे।

विवादों की शुरुआत

सितंबर 2001 में एमटीवी अवार्ड्स के दौरान ब्रिटनी ने एक बड़ा सा पायथन स्नेक गले में डालकर परफॉर्म किया। उनके नंबर ‘आय एम यौर स्लेव’ ने काफी वाहवाही बटोरी। इसने ब्रिटनी को कई पुरस्कार दिलाने के साथ-साथ उन्हें पावरफुल सेलिब्रिटीज की जमात में शामिल करवाया। हालांकि शो में पायथन के इस्तेमाल पर एनिमल एक्टिविस्ट्स ने खूब होहल्ला भी मचाया। अगस्त 2003 में ब्रिटनी का नाम फिर विवादों से जुड़ा।

इसकी वजह उनका और मडोना का ऑन स्टेज लिप लॉक किस था। नवंबर 2003 में टीवी इंटरव्यू के दौरान वो जस्टिन टिंबरलेक से अपना रोमांस खत्म होने की बात पर फफक पड़ीं। जूनियर आर्टिस्ट केविन फेडरलिन से उनके विवाह ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। दो साल के अंदर उनके दो बच्चे हुए और जल्द ही नौबत तलाक तक पहुंच गई। यहीं से ब्रिटनी की मानसिक स्थिति में उथल-पुथल का दौर शुरू हुआ।

खली ही बनेगा महाबली

जालंधरवर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन में आज एज और रे मेस्टीरियो के बीच जो जीतेगा वो एलिमिनेशन चैंबर के 6 योद्धाओं खली, बतिस्ता, अंडरटेकर, एमवीपी, फिनले व बिग डैडी वी में से जीते योद्धा के साथ भिड़ेगा। इनमें से जो जीता वो वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन ।

‘द ग्रेट अमेरिकन बैश’ के ट्रिपल थ्रैट मैच में साथी महान पहलवानों बतिस्ता और केन को हराने के बाद खली ने 20-मैन बैटल रॉयल प्रतियोगिता में शिरकत की और सभी को धूल चटाते हुए वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियन बना। अब खली की रविवार को होने वाली नो वे आउट जंग को लेकर उसके हिमाचल स्थित पैतृक गांव और देश में भारी उत्साह है। सभी ओर खली के लिए दुआएं की जा रही हैं कि हमारा खली ही वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बने। शहर में भी खली की जीत के लिए हवन यज्ञ किए जा रहे हैं।

खली और खली के प्रतिद्वंद्वियों के बीच इस जंग को देखने के लिए लोग बेकरार हैं। यहां दिग्गज आपस में भिड़ेंगे। खली आने वाले दिनों में फिल्मों में भी नजर आएंगे। एक फिल्म तो वे कर भी चुके हैं। उन्हें 3 अमरीकी फिल्मों के ऑफर भी मिले हैं। एक शीघ्र ही रिलीज होने वाली है।

खली

कद 7 फुट 3 इंच ,भार 420 पौंड

बतिस्ता कद 6 फुट 6 इंच भार 290 पौंड

अंडरटेकर कद 6 फुट 10 इंच भार 295 पौंड

एमवीपी कद 6 फुट 3 इंच भार252 पौंड

फिनले कद 6 फुट 2 इंच भार 235 पौंड

तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार, युवी फिसले

दुबई.तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार, युवी फिसले ऑस्ट्रेलिया में चल रहे त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अभी तक बड़ी पारी न खेल पाने के बावजूद सचिन तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार हुआ है, जबकि खराब दौर से गुजर रहे युवराज सिंह फिसल गए हैं। आईसीसी की शनिवार को जारी वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सचिन ने लगातार सुधार किया है। वे 7वें नंबर पर आ गए हैं, जबकि सीरीज में लगातार नाकाम हो रहे युवराज सिंह 4 पायदान फिसलकर 19वें नंबर पहुंच गए हैं।

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दो पायदान फिसल कर 13वें नंबर पर हैं। अन्य भारतीयों में गौतम गंभीर ने दो पायदान की सुधार की है और 35वें नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग 804 अंक के साथ चोटी पर बने हुए हैं। श्रीलंका के विरुद्ध शानदार 118 रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट 10 स्थान चढ़ते हुए दूसरे नंबर आ गए हैं।

भज्जी टॉप 20 में : वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में हरभजन सिंह 5 पायदान की सुधार कर टॉप 20 में 18वें नंबर पर आ गए हैं। युवा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा 96वें नंबर पर हैं।

टीम रैंकिंग
ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर : टीमों की वनडे रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत कायम है, जबकि उससे 3 अंक पीछे दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे नंबर पर हैं। भारत चौथे स्थान पर बरकरार है। श्रीलंका 2 अंक के नुकसान के साथ छठे नंबर पर फिसल गया है। इंग्लैंड 7 वें स्थान पर है।

Tuesday, January 29, 2008

मुझे ठीक सुनाई नहीं दिया

एडिलेड: आखिरकार बीसीसीआई ने प्रतिष्ठा की लड़ाई जीत ली है। हरभजन सिंह को आईसीसी के अपीलीय जज जॉन हैनसन ने नस्लीय टिप्पणी के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है। इसमें बोर्ड ने हर संभव प्रयास किया। पहले ब्रेड हॉग के खिलाफ की गई शिकायत वापस लेकर मेजबान पर नैतिक दबाव बनाया,फिर बोर्ड के प्रमुख अधिकारी आईएस बिंद्रा ने ऑस्ट्रेलिया पहुंच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया(सीए) और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनसे भज्जी के खिलाफ लगे आरोपों को हटाने का आग्रह किया।bindra

इस पर भी उसे अपनी बात बनने में शंका हुई तो उसने सोमवार को फिर सिरीज से लौटने की धमकी का भी सहारा ले डाला। भज्जी मामले में आज के घटनाक्रम में एक नजर:

सायमंड्स का यू टर्न : symondsइस मामले में चौकाने वाली बात यह रही कि भज्जी पर नस्लभेद का आरोप लगाने वाले एंड्र्यू सायमंड्स ने न्यायमूर्ति हेंसन के सामने कहा कि वास्तव में उन्हें कुछ साफ-साफ सुनाई नहीं दिया था। सुनवाई के दौरान स्टंप माइक्रोफोन के स्क्रिप्ट को पेश करने की जरूरत ही महसूस नहीं की गई।

धारा 3.3 के बदले की गई धारा 2.8 के तहत कार्रवाई : हरभजन पर आईसीसी की कठोर धारा 3.3 के बदले नरम धारा 2.8 के तहत कार्रवाई की गई। पहले हरभजन पर धारा 3.3 के तहत तीन टेस्ट मैच खेलने पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन मंगलवार को न्यायमूर्ति जॉन हेंसन ने सुनवाई के बाद उन पर धारा 2.8 के अंतर्गत कार्रवाई की। इस धारा के अनुसार खिलाड़ी पर दो वनडे मैचों या 1 टेस्ट मैच के खेलने पर प्रतिबंध का प्रावधान है, लेकिन भज्जी पर केवल 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाने निर्णय सुनाया गया। harbhajan

दोनों कप्तानों ने दी लिखित में सहमति-पत्र : हेंसन के सामने दोनों टीम के कप्तानों ने एक पत्र पेश किया। इसमें कहा गया है कि हरभजन सिंह ने नस्लभेदी टिप्पणी नहीं की थी। इसमें स्वीकार किया गया है कि हरभजन ने कुछ ‘अपशब्द’ कहे थे। इस पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग, एंड्र्यू सायमंड्स, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय कप्तान अनिल कुंबले, सचिन तेंडुलकर और टीम इंडिया के मैनेजर चेतन चौहान के हस्ताक्षर थे।

बोर्ड ने अख्तियार किया था कड़ा रुख : इस मामलें में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर के फैसले के खिलाफ हरभजन की ओर से अपील की थी। बीसीसीआई ने कड़ा रुख अख्तियार किया था और साफ कह दिया था कि भारत का कोई भी खिलाड़ी नस्लभेदी हरकत कर नहीं सकता और इस ‘कलंक’ के साथ टीम का दौरा जारी नहीं रख जा सकता है।

बकनर को हटाया था आईसीसी ने : अंपायर स्टीव बकनर को सीरीज से हटाए जाने और हरभजन को अपील पर सुनवाई पूरी होने तक प्रतिबंध से छूट मिलने के बाद भारत ने दौरा जारी रखने का फैसला किया था। फिर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि हरभजन की अपील खारिज किए जाने की स्थिति में भारतीय टीम दौरे के बीच से ही स्वदेश लौट सकती है।

बोर्ड ने निर्णय का स्वागत किया : एडिलेड में सुनवाई के दौरान ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पों¨टग, सायमंड्स, मैथ्यू हेडन और माइकल क्लार्क ने इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल (आईसीसी) के अपील आयुक्त न्यूजीलैंड के न्यायाधीश जॉन हेंसन के सामने सुनवाई के दौरान हरभजन पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप वापस ले लिया। बोर्ड अध्यक्ष शरद पवार ने आईसीसी के इस निर्णय का स्वागत किया। पवार ने कहा, ‘आईसीसी के इस निर्णय के बाद भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा जारी रहेगा और हम क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।’ उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बीसीसीआई के वर्र्षो से चले आ रहे मधुर संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मेलबोर्न जाएगी टीम : भज्जी पर नस्लभेद का कलंक छूटने के बाद टीम इंडिया भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुक्रवार को मेलबोर्न में होने वाले ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैच के लिए बुधवार को मेलबोर्न पहुंचेगी। ट्वेंटी-20 मैच के बाद अगले माह भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच वनडे क्रिकेट मैचों की त्रिकोणीय सीरीज शुरू होगी, जिसका पहला मैच मेजबान ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच 3 फरवरी को खेला जाएगा। त्रिकोणीय सीरीज का फरवरी के आखिरी सप्ताह में समाप्त होगी।

ऐसा था दृश्य :sachin

* मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष क्रेग ओकोनोर एक साथ होटल से बाहर आए। इसके 15 मिनट पहले हरभजन सिंह टीम के मीडिया मैनेजर एमवी श्रीधर के साथ बाहर आ चुके थे। भज्जी के चेहरे पर जीत की खुशी झलक रही थी।

* सचिन व हरभजन ने वहां इंतजार कर रहे मीडिया प्रतिनिधियों से बात नहीं की।

* पोंटिंग, सायमंड्स, क्लार्क और मैथ्यू हेडन मीडिया से बचते हुए फेडरल कोर्ट के पिछले दरवाजे से अंदर गए।

* हेंसन अपनी एक रिपोर्ट आईसीसी को देंगे। * आईसीसी के प्रवक्ता समी-उल-हसन ने कहा कि दोनों टीमों के कप्तानों द्वारा लिखित में पेश पत्र ने हेंसन के काम को आसान कर दिया।

* सभी ने बारी-बारी से गवाही दी।

* वीआर मनोहर बतौर वकील मुंबई से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से हरभजन की ओर से जिरह की। उन्होंने सायमंड्स के कुछ सवाल भी किए।

* 5.30 घंटे हुई सुनवाई ।

‘इस निर्णय से हम बहुत खुश हैं। अब टीम इंडिया वनडे सीरीज पर ध्यान देगी ओर बुधवार को सभी खिलाड़ी ट्वेंटी-20 मैच के लिए मेलबोर्न रवाना होंगे।’निरंजन शाह, सचिव, बीसीसीआई-------

अब सारे विवाद मिट गए हैं। इस फैसले से टीम ने राहत की सास ली है। अब सभी क्रिकेट पर ध्यान देंगे।’पीटर यंग, प्रवक्ता, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

Saturday, January 19, 2008

मुखौटा लगा तीहरा शतक

कोलकाता.centurian क्रिकेट में करप्शन किस हद तक प्रवेश कर चुका है इसका उदाहरण शुक्रवार को कोलकाता में देखने को मिला। यहां क्लब क्रिकेट में किसी और के नाम पर एक युवक खेला और न सिर्फ खेला बल्कि तिहरा शतक (126 गेंद 301 रन) भी ठोंक डाला।

जब खुलासा हुआ तो सबके होश उड़ गए। युवक मैदान छोड़कर भाग गया और आयोजक गफलत कैसे हुई का पता लगाने लगे। फिलहाल इस युवा प्रतिभा की खोज जारी है। दरअसल हुआ यह कि कोलकाता के एक स्टेडियम में कांचरपाड़ा क्लब और दमदम क्लब के बीच स्कूल क्रिकेट खेला जा रहा था।

इसमें कांचरपाड़ा की ओर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मसरूम ने 301 रन बना डाले। मैदान और मैदान के बाहर सब हैरान थे कि ऐसा कैसे हो सकता है। जिस मसरूम सरकार को वे जानते थे वह ऐसी धुआंधार पारी नहीं खेल सकता और यह मसरूम तो मैदान के चारों ओर रनों की आतिशबाजी कर रहा है। राज पर से पर्दा तब हटा जब मसरूम ने 300 रन बनाने के बाद अपना हेलमेट उतारा।

सभी भौंचक रह गए, उनके सामने जो शख्स बल्ला उठाए खड़ा था वह मशरूम नहीं सोमिन है। अंपायर गौतम राय ने भी पुष्टि की कि यह मसरूम नहीं। जांच के बाद पता चला कि मसरूम की जगह बल्लेबाजी के लिए कांचरपाड़ा क्लब ने सोमिन को उतार दिया था, ताकि मसरूम को आगे बढ़ाया जा सके।

इसके लिए डॉक्टरी जांच के बाद हेरफेर किया गया। जांच के बाद मसरूम के पहचान पत्र पर सोमिन का फोटो चिपका दिया गया। उधर, सोमिन का कहना है कि वह तो दुनिया के सामने अपने हुनर का प्रदर्शन करना चाहता था।

हालांकि जब सोमिन को पता चला कि यह अपराध है तो मैदान से फुर्र हो गया। अंपायर गौतम राय का कहना है कि मामले की जानकारी क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल को दे दी गई है। हमें सोमिन के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है।

उधर सोमिन का कहना है कि वह कई दिनों से मौका ढूंढ़ रहा था, लेकिन उसे मौका नहीं मिला। इसी बीच उसकी कांचरपाड़ा कोचिंग क्लब से बात हुई। वह हेलमेट पहने मैदान में आया था इसलिए कोई उसे पहचान नहीं पाया।

धीमें रनरेट के लिए आस्ट्रेलिया पर जुर्माना

पर्थ.कहते हैं ना कि सिर मुढ़वाते ही ओले पड़ गए। वही हाल आस्ट्रेलिया का है। एक तो अपने ही घर में भारत से टेस्ट मैच हार गए और साथ ही धीमे रन रेट के लिए उन पर जुर्माना भी ठोका गया है। मैच रेफरी मैइक प्रोक्टर ने उन पर यह फाइन लगाया है।

मेजबान टीम ने तय ओवर से दो ओवर कम फेकें। इसके लिए रिकी पोंटिग को अपनी मैच फीस का 20 प्रतिशत और अन्य खिलाड़ीयों को मैच फीस का 10 प्रतिशत फाइन भरना पड़ेगा।

पर्थ में हारा ऑस्ट्रेलिया, भारत ने चुकाया बदला

पर्थ. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ में खेला गया मैच भारत ने 72 रनों से जीत लिया और ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को उसके घर में ही रोक दिया। पर्थ में मिली इस ऐतिहासिक जीत से जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया से एक तरफ अपना पुराना हिसाब चुकता किया है वहीं 2001 में कोलकता में मिली जीत के पलों की याद भी दिला दी है।

उस वक्त भी टीम इंडिया ही थी जिसने ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोका था और इस बार भी पहले की तरह ऑस्ट्रेलिया 16 टेस्ट मैच जीतने के बाद भारत से एक बार फिर हार गया है। इतिहास ने एक बार फिर अपने आपको दोहराया है फर्क सिर्फ इतना है कि उस वक्त ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान स्टीव वॉ थे और इस बार रिकी पॉटिंग।

मैदान बदल गए कप्तान बदल गए पर कहानी वही की वही रही ,एक बार फिर भारतीय जाबांज खिलाड़ियों ने एक नया इतिहास रचा और ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जीत का सुनहरा अध्याय लिख दिया है जिसकी अनुगूंज क्रिकेट जगत में लंबे समय तक सुनाई देगी ।

यूं जीता भारत

ऑस्ट्रेलिया को लगातार 17 वीं टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए413 रनों का लक्ष्य पूरा करना था । लेकिन पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम मात्र 340रन बनाकर आउट हो गई। भारत की इस जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के साथ पूरी टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है।

पहला विकेट :413 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला विकेट 21 रनों के योग पर खोया। भारतीय गेंदबाज इरफान पठान ने रोर्जस (15) को धोनी के हाथों कैच कराया ।

दूसरा विकेट : इरफान पठान ने फील जैक्स 16 को जाफर के हाथों आउट कर ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका दिया । इस वक्त ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 9.4 ओवर में (43) रन बनाए थे ।

तीसरा विकेट : ईशांत शर्मा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉटिंग (45) को द्रविड़ के हाथों स्लिप में कैच आउट कराकर भारत को एक बड़ी सफलता दिलाई। इस वक्त ऑस्ट्रेलिया ने 33.1 ओवर में 117 रन बना लिए थे ।

चौथा विकेट : आरपी सिंह ने माइक हसी (46) को एलबी डब्लू ऑउट कर भारत को चौथी महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। ऑस्ट्रेलिया ने इस वक्त 44.6 ओवर में 159 रन बना लिए थे ।

पांचवा विकेट : एक बार फिर भारतीय कप्तान सायमंड्स पर भारी पड़े और उन्होंने सायमंड्स (12) को एल बी डब्लू आउट कर ऑस्ट्रेलिया को तकड़ा झटका दिया। इस वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 177 रन था।

छटवां विकेट : गेंद इस बार सहवाग के हाथों में थी और सहवाग ने एडम गिलक्रिस्ट (15) को बोल्ड कर भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ा दी । इस वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 227 रन था और गिलक्रिस्ट के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया गहरे दबाव में आ गया ।

सातवां विकेट : सहवाग ने एक बार फिर कमाल दिखाया और ब्रेट ली (0) को लक्ष्मण के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को सातवां झटका दिया। इस वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 60.2 ओवर में 229 रन था।

आठंवा विकेट : एम जे क्लार्क 81 रन बनाकर कुंबले की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हुए। और इस तरह ऑस्ट्रेलिया की रही सही उम्मीद भी खत्म हुई। इस वक्त ऑस्ट्रेलिया टीम का स्कोर 253 रन था ।

नौवां विकेट : शानदार बल्लेबाजी करने के बाद ,एस ऑर क्लार्क 32 इरफान पठान की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हुए। इस वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 326 रन था ।

दसवां विकेट (और जीत गया भारत) : शॉन टेट 4 रन बनाकर जैसे ही आरपी सिंह की गेंद पर बोल्ड हुए भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और हो भी क्यों ना आखिर ऑस्ट्रेलिया को उसकी मांद में जाकर टीम इंडिया ने मात जो दे दी थी । इस तरह ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 340 रन बनाकर आउट हो गई। जानसन ने 50* रन बनाए ।

Tuesday, January 15, 2008

बाहर होने से दुखी हैं बकनर

मोंटेगो बे(जमैका): बड़े बे आबरु होकर स्वेदश लौटे विवादास्पद अंपायर स्टीव बकनर ने मंगलवार को कहा है कि ऑस्ट्रेलिया-भारत टेस्ट सिरीज के बीच में ही इस तरह लौटने से वे निराश हैं।

उन्होंने कहा, वे ऑस्ट्रेलिया में अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंपायरिंग न कर पाने से दुखी हैं। लेकिन वे आईसीसी के निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं। भूल करना मानव का स्वभाव है तो इसे माफ करना देवत्व की निशानी है। लेकिन वे इतना ही कहना चाहेंगे 35 अपीलों में सिर्फ 2 गलत निर्णय के आधार पर ही उन्हें बाहर कर दिया गया।

सिडनी टेस्ट में भारत के खिलाफ कई निर्णय देने वाले बकनर को आईसीसी ने भारतीय खेमें की शिकायत पर बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब पर्थ में उनकी जगह न्यूजीलैंड के बिल बोडेन अंपायरिंग करेंगे।

बकनर के स्वदेश लौटने पर उनके प्रति समर्थन दर्शाने के लिए विमानतल में पत्रकारों और समूहों ने उनकी अगवानी करने की योजना बनाई थी। लेकिन इससे बचते हुए चुपचाप घर लौटे।

आईसीसी के सबसे अनुभवी अंपायर बकनर अब तक 120 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार पांच बार आईसीसी विश्वकप के फाइनल में अंपायरिंग की।

Friday, January 11, 2008

सचिन ने दी युवी को बेटिंग टिप्स

कैनबरा: मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंडुलकर ने खराब फार्म से गुजर रहे युवराज सिंह को कुछ अहम बेटिंग टिप्स दी हैं। यहां खेले जा रहे एसीटी आमंत्रित एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद सचिन ने युवी के साथ नेट पर काफी समय बिताया।

इस सिरीज में अब तक खेले गए दोनों टेस्ट मैचों में युवी खासे असफल रहे हैं। वे पिच पर टिककर एक दर्जन गेंदे भी नहीं खेल पा रहे हैं। वे ऑस्ट्रेलियाई पिचों का मिजाज अब तक समझ नहीं पाए हैं।

सचिन ने युवी से कहा है कि पिच पर पहुंचने के बाद शॉट खेलने में जल्दबाजी न करें। उन्होंने सिडनी टेस्ट में 154 रनों की पारी खेलकर एक उदाहरण पेश किया है। वहां उन्होंने अपने ट्रेडमार्क शॉट हुक और पुल से उस समय भी परहेज करा जब वे 90 रनों पर खेल रहे थे।

सचिन ने नोटिस किया कि युवी का फंट लेग कुछ ज्यादा ही क्रास जा रहा है। इससे वे स्ट्रोक खेलने की स्थिति में नहीं आ पाते। उन्होंने युवी को सलाह दी कि वे अपना फ्रंट लेग कवर के स्थान पर मिड ऑफ की ओर रखें।

Monday, January 7, 2008

यह हरभजन की ही लड़ाई नहीं है

संपादकीय. सिडनी क्रिकेट टेस्ट मैच में फील्ड अंपायरों-स्टीव बकनर और मार्क बेंसन के पक्षपातपूर्ण फैसलों की बदौलत लगभग ड्रा हुआ मैच जीतने के बाद टीम ऑस्ट्रेलिया ने एंड्र्यू सायमंड्स के खिलाफ कथित नस्लवादी टिप्पणियां करने के लिए हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए प्रतिबंध लगवाकर टीम माइंड गेम में अपनी महारत एक बार फिर साबित कर दी है। ऊल-जुलूल फब्तियां कसकर विरोधी टीम के खिलाड़ियों को उकसाने और उनका ध्यान भंग करने में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का कोई सानी नहीं है। हरभजन को उत्तेजित करने के लिए उन्होंने यही हथकंडा अपनाया। अगर उकसाए जाने पर हरभजन ने सायमंड्स के लिए कोई तीखी टिप्पणी कर भी दी, तो उसे नस्लभेदी करार दिया जाना कतई न्यायोचित नहीं है।

खेद की बात है कि मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर ने इस मामले की सुनवाई में हरभजन के साथ दूसरे छोर पर खेल रहे असंदिग्ध निष्ठा वाले खिलाड़ी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के पक्ष की सरासर अनदेखी की और केवल ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के पक्ष पर भरोसा करके मान लिया कि हरभजन ने सायमंड्स के लिए 'बिग मंकी' संबोधन का इस्तेमाल किया था। जाहिर है कि प्रॉक्टर का यह फैसला नैसर्गिक न्याय की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है। ऐसे में भारत के क्रिकेट प्रतिष्ठान के सामने इस फैसले को ठुकराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उसे इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल समेत हर उचित मंच पर प्रॉक्टर के फैसले के प्रति कड़े से कड़ा विरोध जताकर हरभजन के लिए सही न्याय हासिल करने के प्रयास करने में जरा भी ढील नहीं देनी चाहिए।

इस मौके पर टीम इंडिया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हरभजन सिंह के साथ खड़े रहने का फैसला करके बिलकुल सही कदम उठाया है। वैसे भी अब यह महज हरभजन की लड़ाई नहीं रह गई है बल्कि टीम इंडिया और पूरे भारतीय क्रिकेट प्रतिष्ठान की अस्मिता की लड़ाई बन गई है। टीम ऑस्ट्रेलिया के बड़बोले खिलाड़ियों को न तो नस्लभेद की ठीक-ठाक समझ है और न ही कभी उन्हें इसके दंशों का शिकार होना पड़ा है जबकि हम भारतीयों ने न केवल नस्लवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है बल्कि इसके शिकार अन्य देशों और लोगों को भी प्रेरणा दी है। यदि आईसीसी टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया दौरे के शेष टेस्ट मैचों में हरभजन के खेलने पर रोक नहीं हटाती है, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को दौरा रद्द करने का विकल्प खुला रखना चाहिए।

Saturday, January 5, 2008

ऑस्ट्रेलिया ने 122 रनों से दूसरा टेस्ट जीता

सिडनी.cricketभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी लड़खड़ा गई है और इस वक्त भारतीय बल्लेबाज गहरे दवाव में आ गए है। भारत ने ताजा समाचार मिलने तक 7 विकेट खोकर 185 रन बना लिए है। धोनी 35 रन बनाकर साइमंड्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। कप्तान अनिल कुंबले 27 रन बनाकर खेल रहे है। धोनी की जगह हरभजन बैटिंग करने मैदान में उतरे हैं। भारत को जीतने के लिए 333 रनों का लक्ष्य पार करना है।

पहला ओवर333 रन लक्ष्य लेकर उतरी भारतीय टीम को पहले ही ओवर में वसीम जाफर के विकेट गवाना पड़ा वे ब्रेट ली की गेंद पर क्लार्क के हाथों बिना कोई रन बनाए कैच आउट हो गए।

एस आर क्लार्क ने दिए भारत को तगड़े झटके

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज एस आर क्लार्क ने संभलकर खेल रहे लक्ष्मण 20 को एलबी डब्लू आउट किया तथा उसके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को 12 रनों पर बोल्ड कर भारतीय बल्लेबाजी पर गहरा दबाव बना दिया । सचिन एक बार फिर दुर्भाग्यशाली रहे जब गेंद उनके बल्ले का भीतरी किनारा लेकर विकेट से जा लगी और इस तरह से भारत का तीसरा विकेट 54 रन पर गिरा।

क्या भारत मैच बचा सकेगा?

सिडनी टेस्ट मैच में लाख टके का सवाल इस बात को लेकर है क्या भारत 3 विकेट खोने के बाद भी इस मैच में वापसी कर सकेगा और ऑस्ट्रेलिया के विजयरथ को रोकने में कामयाब हो सकेगा या नहीं ? अभी उसके 7 विकेट शेष है और अब समय आ गया है कि राहुल ,सौरव के साथ साथ युवराज सिंह और महैन्द्र सिंह धोनी को अपना सर्वोत्तम खेल खेलना होगा।

Friday, January 4, 2008

भगवान शुक्र है इस बार शतक बना सका: सचिन

sachinसिडनी: मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंडुलकर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पिछले काफी समय से चल रहे 90 के फेरे से निकलने पर राहत की सांस ली है। वर्ष 2007 में उन्होंने शतक बनाने के 9 मौके गंवाए। इस दौरान वन डे में वे 3 बार तो 99 के स्कोर पर आउट हुए थे।

सचिन ने मैच के बाद कहा कि सिडनी में शतक पूरा करने पर उन्होंने राहत की सांस ली है। बीते साल उन्होंने 8-9 शतक बनाने के मौके गंवाए। शतक के बाद अपनी खुशी का पूरे जोशों खरोश से इजहार करने वाले सचिन ने स्वीकारा कि उन्होंने हरभजन से शतक तक पहुंचने के लिए दो रन तेजी से पूरा करने के लिए कहा था।

हालांकि उन्होंने कहा कि शतक से ज्यादा उन्हें भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की खुशी है। 69 रन की बढ़त हासिल करने के बाद अब उनकी टीम बेहतर स्थिति में है। सचिन ने कहा कि उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और सही गंेदों का चुनाव करके ही शॉट खेले। उन्होंने आठवें विकेट के लिए हरभजन सिंह के साथ 129 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की।

भज्जी पर था भरोसा: सचिन ने कहा कि उन्हें भरोसा था कि हरभजन आज रन बनाएंगे। अगर आप निचले क्रम के बल्लेबाजों में आत्मविश्वास भरते हैं तो वे भी रन कर सकते हैं।

क्यों नहीं बचाया निचले क्रम के बल्लेबाजों को: सचिन ने अपनी पारी के दौरा निचले क्रम के बल्लेबाजों को दूसरे छोर में रखने का कोई प्रयास नहीं किया। इस पर उन्होंने कहा कि ऑसी क्षेत्ररक्षण पूरी तरह से उन्हें ध्यान में रखकर लगाया गया था। वे गलत शॉट खेलकर विकेट नहीं गंवाना चाहते थे, लिहाजा उन्होंने निचलेक्रम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दिया।

मेलबोर्न में अधिक आक्रमक क्षेत्ररक्षण था: सचिन ने सिडनी की पारी की मेलबोर्न में खेली गई पारी से तुलना करते हुए कहा कि पहले टेस्ट में क्षेत्ररक्षण बेहद आक्रमक था, इसलिए उन्होंने वहां तेज पारी खेली। यहां क्षेत्ररक्षक रन बचाना चाहते थे। स्पिनर दिखा सकते हैं कमाल: सचिन ने शेष दो दिनों के खेल पर कहा कि पिच पर काफी उछाल और घुमाव मौजूद है। यहां से स्पिनर बल्लेबाजों को अधिक परेशानी में डालेंगे।

सचिन का भी सिडनी में तीसरा शतक

सिडनी: वीवीएस लक्ष्मण के बाद उनके साथी खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर ने भी सिडनी क्रिकेट मैदान में अपना तीसरा शतक ठोंका। सिडनी में अपने कैरियर का चौंथा टेस्ट मैच खेलते हुए सचिन ने अपने तीनों शतक अविजित रहते हुए बनाए हैं। वे अब तक इस मैदान में 302 के औसत से 604 रन बना चुके हैं। इस दौरान वे 148*,45,4,241*,60* और 154 रन की पारी खेल चुके हैं। क्रिकेट इतिहास में शायद ही किसी अन्य बल्लेबाज ने सिडनी क्रिकेट मैदान में इतने अधिक औसत के साथ रन बनाए हों।sachin

काफी अहम है: शतक ब्रायन लारा के बाद टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले सचिन का यह शतक काफी अहम है, क्योंकि वे क्रिज पर अंतिम स्थापित बल्लेबाज के रूप में मैदान में थे। दूसरे छोर पर हरभजन ने उनका अच्छा साथ दिया। चाय के समय तक भारत का स्कोर 7 विकेट पर 424 रन था। उस समय सचिन 106 और हरभजन 41 रन अविजित थे। ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर 463 के आधार पर भारत 39 रन पीछे था।

भारत को मिली 69 रन की बढ़त

सिडनी.भारत ने सचिन के शानदार अविजित 154 रनों की मदद से ऑस्ट्रेलिया पर 69 रनों की बढ़त बनाकर उसके स्वीट सिस्टिन डबल की संभावनाओं को करारा आघात पहुंचाया है। मेहमान टीम सचिन के अतिरिक्त गांगुली(67) और हरभजन(63) की शानदार पारियों की मदद से 532 रनों के योग तक पहुंचने में सफल रही। जवाब में खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी नुकसान के 13 रन बना लिए हैं।

इससे पहले भारत ने कल के स्कोर 3 विकेट पर 216 रन से आगे खेलना प्रारंभ किया। गांगुली ने अपना आक्रमक रुख आज भी बरकरार रखा। उन्होंने हॉग की गेंद पर एकमात्र गलत शॉट पर विकेट गंवाने से पहले सिर्फ 78 गेंदों पर 67 रन की पारी खेली। उनके आउट होते ही भारतीय मध्यक्रम बिखर गया। युवराज(12) और धोनी(02) का खराब फार्म जारी रहा। ब्रेट ली ने इन दोनों के साथ कप्तान अनिल कुंबले(02) को भी चलता कर दिया। इसके बाद हरभजन ने सचिन का बखूबी साथ निभाते हुए भारत को अनापेक्षित बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए रिकार्ड 129 रनों की भागीदारी हुई।

इस बीच सचिन ने अपने कैरियर का 38 वां शतक पूरा किया। इससे पहले वे वन डे और टेस्ट दोनों में कई बार शतक बनाने का अवसर गंवा चुके थे। हरभजन के बाद ईशांत शर्मा ने भी 23 रन की जोरदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ली ने 119 रन देकर 5 विकेट लिए। ।

Tuesday, January 1, 2008

दिलाई भारत को जीत

पर्थ.sania भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा व उनके जोड़ीदार रोहन बोपन्ना ने हॉपमैन कप टेनिस के मिश्रित युगल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की एलिसिया मोलिक व पीटर लुकजेक की जोड़ी को 77 मिनट तक चले मुकाबले में 2-6, 6-4, 6-7 (11/13) से पराजित कर ग्रुप ‘ए’ में पहली जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। भारतीय टीम उद्घाटन मुकाबले में अमेरिका से पराजित हो गई थी। इससे पूर्व सानिया ने सिंगल्स मुकाबले में मोलिक की चुनौती को तोड़ते हुए 2-6, 6-2, 6-४ से जीत हासिल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि बोपन्ना दुर्भाग्यशाली रहे और पुरुषों के सिंगल्स मुकाबले में लुकजेक के खिलाफ 7-6, 6-3 से मैच गंवा बैठे।

मलेक ने नाकामुरा को हराया
गोल्ड कोस्ट में जर्मन खिलाड़ी तात्जाना मलेक ने जापान की अकीको नाकामुरा को गोल्ड कोस्ट ओपन में 7-5, 6-4 से शिकस्त देकर चौथे दौर में प्रवेश कर लिया। मलेक ने मजबूत जापानी प्रतिद्वंद्वी को एक घंटा 27 ंिमनट में स्पर्धा से बाहर कर दिया। मलेक ने मैच में दो एस लगाए और एकमात्र डबल फाल्ट किया।

जर्मन खिलाड़ी ने मैच में बेहतर सर्व और शक्तिशाली रिटर्न करते हुए नाकामुरा को हावी नहीं होने दिया। पहले सेट में 5-5 की बराबरी से उबरते हुए मलेक ने लगातार दो गेम अपने नाम किए और सेट 7-5 से हासिल किया। अगले सेट में जापनी खिलाड़ी का प्रतिरोध कम हो गया और वे महज तीन गेम ही अपने नाम कर पाईं।

अब Hindi का जवाना है

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