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Monday, May 19, 2008

राखी से बेहतर डांसर हूं

मुंबई. संभावना सेठ बालीवुड आइटम गर्ल संभावना सेठ का कहना है कि वह राखी सावंत से बेहतर डांसर है।

फिल्म ‘36 चाइना टाउन’, ‘सौदा’, ‘पागलपन’ और ‘काफिला’ जसी फिल्मों में जबरदस्त डांस करके चर्चा में आईं संभावना कहती हैं कि वह राखी सावंत से कहीं बेहतर डांस करती हैं।

वह कहती हैं कि राखी किस्मत की धनी हैं। डांस करने के लिए उन्हें हमेशा अच्छे गाने मिले हैं। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि वह एक बेहतर डांसर हैं।

स्टांप पेपर घोटाले में लिप्त रहे अब्दुल करीम तेलगी पर बनी फिल्म ‘मुद्रांक’ में दोनों ने एक-एक गाने पर डांस किया है। वह कहती हैं कि उन्हें ज्यादा प्रशंसा मिल रही है।

फिल्म के निर्देशक शाकिर शेख ने उनकी बात को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने राखी सावंत से बेहतर परफॉर्म किया है। जेल में फिल्म देखने के बाद तेलगी ने भी संभावना के डांस को बेहतर बताया है।

Wednesday, March 5, 2008

ईनाम 10 करोड़ का

मुंबई: लगता है बीसीसीआई की झोली टीमों को बेहतर खेल पर ईनाम देते-देते खाली हो जाएगी। अंडर-19 टीम को विश्वकप जीतने में बेंगलूरु में खास ट्रीट देते समय बोर्ड को सीनियरों के कारनामे की खबर मिली। नतीजतन खुशी से दोहरे हो रहे बोर्ड ने उनके लिए 10 करोड़ के ईनाम का ऐलान कर दिया।

बीसीसीआई के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ब्रिसबेन से बताया कि बोर्ड ने टीम को 10 करोड़ के ईनाम का ऐलान किया है। साथ ही 6 मार्च को दिल्ली में टीम के स्वागत के लिए एक विशाल समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

सचिन हैं क्रिकेट के जादूगर : रीबोक

मेलबोर्न: प्रसिद्ध क्रिकेट लेखक पीटर रिबोक ने सचिन तेंडुलकर के दोनों फाइनलों में किए गए यादगार प्रदर्शन पर उनकी दिल खोलकर तारीफ करते हुए कहा कि मास्टर ब्लॉस्टर क्रिकेट इतिहास के सबसे जादुई और सम्मोहक बल्लेबाजों हैं।

सिडनी मानिर्ंग हेराल्ड में अपने कॉलम में रीबोक ने लिखा पिछले 15 सालों में क्रिकेट के प्रंशसकों ने कई शानदार खिलाड़ियों को देखा, लेकिन सचिन तेंडुलकर और शेन वार्ने का क्रिकेट कैरियर सबसे विलक्षण रहा है।

ये दोनों खिलाड़ियों ने अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया, लेकिन साथ ही वे असाधारण प्रतिभा के धनी क्रिकेट के कलाकार भी थे।

वार्न की ताकत उनकी जोरदार प्रतिस्पर्धी भावना थी। तो सचिन एक बल् लेबाजी के शास्त्री थे, लेकिन वे अहम से कोशों दूर एक परिपूर्ण स्ट्रोक प्लेयर हैं।

रिबोक ने भारतीय नवजवान खिलाड़ियों की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रिकी पोंटिंग की टीम का टेस्ट और वन डे सिरीज दोनोंे में निडर होकर सामना किया।

Thursday, January 24, 2008

जानलेवा ठंड

इंदौर.i गुरुवार को भी शीतलहर का कहर जारी रहा और इंदौर का तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके साथ ही ठंड ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग दिल्ली का पूर्वानुमान है अगले दो-तीन दिनों तक शहर अत्यधिक शीतलहर की चपेट में आ सकता है।

अनुमान के मुताबिक 25 जनवरी को पारा 1.2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। उत्तरी पूर्वी हवाओं का जोर बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को भी चला और रात का पारा 24 घंटे के भीतर दो डिग्री नीचे गिर गया। सुबह तापमान दो डिग्री ऊपर चढ़ा। बुधवार की तुलना में गुरुवार को जनजीजवन कम प्रभावित रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

उधर, अहिल्याश्रम के सामने बुधवार रात एक अज्ञात वृद्ध महिला की लाश मिली। आसपास के लोगों ने बताया वह भीख मांगकर गुजारा करती थी। सदर बाजार पुलिस का अनुमान है उसकी मौत ठंड लगने से हुई है। इसी तरह यशवंतसागर के पास टीन शेड में राजस्थान निवासी भूरालाल पिता भंवरलाल (55) की लाश अकड़ी हालत में गुरुवार सुबह मिली।

चंदननगर पुलिस के अनुसार वह श्याम कंस्ट्रक्शन कंपनी में रसोइया था और रात को अलाव के पास बिस्तर लगाकर सोया था। साथियों ने सुबह जगाने की कोशिश की तो पता लगा मृत्यु हो गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। अनुमान है उनकी मौत भी ठंड से हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो पाएगी।

जानलेवा हो सकता है ज्यादा काम

लंदन.सावधान, जो भी लोग आज की प्रतियोगी दुनिया में खुद को साबित करने के लिए जरुरत मे ज्यादा काम कर रहे है। वे थोड़ी देर बैठकर यह लेख जरुर पढ़ लें।

हाल में हुए रिर्सच से यह बात साफ हो चुका है कि अधिक दबाव वाली नौकरी धातक स्ट्रेस की वजह बनती है जिसकी वजह से दिल की बिमारी हो सकती है।

इस स्टडी के में यह बात साफ हो गई कि जिन नौकरीयों में काम का दबाव ज्यादा होता है, उन लोगों को जानलोवा बिमारीयां बहुत जल्दी होती हैं।

Tuesday, January 15, 2008

माय एफएम आज से रायपुर में भी

रायपुर. भास्कर समूह का रेडियो स्टेशन 94.3 माय एफएम बुधवार से रायपुर में शुरू हो रहा है। बिलासपुर के बाद राज्य में इस दूसरे रेडियो स्टेशन की शुरुआत के साथ ही माय एफएम देशभर में समूह का पंद्रहवा रेडियो स्टेशन हो जाएगा।

एसी नेल्सन के सर्वे के अनुसार 94.3 माय एफएम जयपुर, उदयपुर, इंदौर, भोपाल व अहमदाबाद में पहले ही नंबर 1 रेडियो चैनल का दर्जा हासिल कर चुका है। रायपुर के बाद माय एफएम कोटा व जबलपुर से भी शुरू होगा, जिसके साथ ही यह लोकप्रिय रेडियो स्टेशन 7 राज्यों के 17 शहरों में सुना जा सकेगा।

15000 रुपए से भी कम के लैपटाप लांच

नई दिल्ली. एचसीएल इंफोसिस्टम्स ने 15000 रुपए से भी कम कीमत वाले लैपटाप लांच किए हैं। जिन पर मोबाइल इंटरनेट कंप्यूटिंग का लुत्फ लिया जा सकता है। एचसीएल पहले ही लीपटाप नाम से लैपटाप की एक रेंज बाजार में पेश कर चुकी है।

एंट्री लेवल के लैपटाप में कोई हार्ड ड्राइव नहीं है और यह लाइनक्स पर चलता है। अब माईलीप एक्स और वाई सीरीज में से वाई सीरीज पर माइक्रोसाफ्ट विस्टा चलाया जा सकता है। इंटेल के क्लासमेट की तरह दो नए माडल पेश किए जा रहे हैं। इनमें 7 इंच की स्क्रीन का वजन एक किग्रा से भी कम है। लेकिन एचसीएल ने इसमें कुछ बदलाव किए हैं ताकि इसे छात्रों के अलावा अन्य लोगों के काम भी लाया जा सके।

क्लासमेट में जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वहीं एचसीएल के लैपटाप में इंटरनेट चलाया जा सकता है। क्लासमेट के मुकाबले एचसीएल के लैपटाप की कीमत काफी कम है। माईलीप उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो आनलाइन रहना चाहते हैं। वजन कम होने के कारण यह कहीं भी ले जाया जा सकता है।

कीमतें :

माईलीप एक्स सीरीज की कीमतें 13,990 रुपए से शुरू होती है। हाईएंड माईलीप की कीमत 30,000 रुपए है।

वजन :

केवल 960 ग्राम है। इसमें इंटेल का अल्ट्रा मोबाइल प्लैटफार्म और माइक्रोसाफ्ट का विस्टा होम प्रीमियम आपरेटिंग सिस्टम भी लगा है।

Friday, January 4, 2008

डायबिटीज से बचना है तो

नई दिल्ली. lifestyle रोजमर्रा की जिंदगी में काम के बोझ से दबे युवाओं को डायबिटीज से निबटने के लिए दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय वजन घटाने और अपनी जीवनशैली बदलने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। यह सलाह सर गंगाराम अस्पताल के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना आर्य ने दी।

डॉ. आर्य ने कहा कि दवाओं को तो आखिरी विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि शरीर को छरहरा और चुस्त-दुरुस्त बनाने व व्यायाम पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, खासतौर पर बच्चों को।

इंद्रप्रस्थ अपोलो के डॉ.एसके वांगू के अनुसार, ‘दफ्तर में घंटों गुजार देने वाले आज के कामकाजी युवाओं को शारीरिक व्यायाम की फुर्सत ही नहीं है। ऐसे में डॉक्टर उन्हें डायबिटीज से बचाने के लिए ‘मेटफोमिन’ जैसी प्रतिरोधक दवाओं के सेवन का परामर्श देते हैं। ये दवाएं इंसुलिन के संवेदक एजेंट के रूप में डायबिटीज के खतरे को कम कर देती हैं’।

बढ़ता खतरा डायबिटीज का : डॉक्टरों के अनुसार युवा पीढ़ी टाइप-टू डायबिटीज का शिकार हो रही है। इसकी वजह तेजी से बदलती जीवनशैली है। घर के बाहर खाना, जंकफूड और भोजन का कोई निश्चित समय न होने से डायबिटीज के लिए शरीर में अनुकूल स्थिति बन जाती है। शराब और सिगरेट का नियमित सेवन करने से तो डायबिटीज से जुड़ी समस्याएं और भी गंभीर हो जाती हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि शहरी जीवनशैली में बदलाव नहीं लाया गया तो आने वाले समय में डायबिटीज की समस्या और गंभीर होगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2006) के अनुसार देश में 35 से 49 साल के दो फीसदी से ज्यादा पुरुष और महिलाएं डायबिटीज से पीड़ित हैं।

Sunday, December 16, 2007

‘जासूस वायरस’ से बचें

पानीपत. दुनिया में प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा कंप्यूटर वायरस ग्रस्त होते हैं। हजारों की संख्या में कंप्यूटर रोज हैक कर दिए जाते हैं। ऐसे कंप्यूटरों की संख्या भी नए साल में ‘जासूस वायरस’ से बचेंसैकड़ों में है जीनसे बहुमूल्य डाटा सदा के लीए गायब हो जाता है। नए साल में ये समस्याएं और बढ़ने वाली हैं। तकनीकी ज्ञान के साथ साइबर दुनिया के विलेन हैकर भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं।

अगर आप सतर्क नहीं रहे तो आपको बड़ी चपत लग सकती है। कंप्यूटर विशेषज्ञ आनंद शर्मा ने बताया कि एक एंटीवायरस कंपनी के सर्वे में ये बात सामने आई है कि सिर्फ 29 प्रतिशत लोग ही अपने कंप्यूटर को लेटेस्ट सुरक्षा कवच से लैस मानते हैं। हैकर अब स्पाइवेयर और की-लागर्स जैसे ‘जासूस वायरस’ का इस्तेमाल करते हैं। जब आप नेट पर काम कर रहे होते हैं तो ये चुपचाप आकर आपके पर्सनल कंप्यूटर में बैठ जाते हैं।

स्पाइवेयर जहां आपकी फाइलों से महत्वपूर्ण जानकारियां इक्ट्ठी करके एक गुप्त फाइल बनाता जाता है, वहीं की-लागर्स आपके द्वारा टाइप किए जा रहे पासवर्ड को उसके मूल शब्द में रूपांतरित कर देता है। इसी तरह जब कभी आप दोबारा नेट पर लॉग ऑन करते हैं तो ये दोनों सॉफ्टवेयर चुपचाप एक्टिव हो जाते हैं और आपके द्वारा तैयार फाइल आपकी जानकारी के बिना ही अपने आका को मेल कर देते हैं। इन जानकारियों में आपका निजी कोड, इनटरनेट बैकिंग पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड सूचना आदि जो भी आपके कंप्यूटर में मौजूद हैं वे सब हो सकती हैं।

फायरवाल बड़ी सुरक्षा : नए आपरेटिंग सिस्टम में आजकल फायरवाल का विकल्प उपलब्ध है। यह आपके कंप्यूटर को बाहरी हमलों से बचाकर रखता है। इसके अलावा एंटीस्पाइवेयर और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर से भी आपको अपना सिस्टम लैस रखना चाहिए।

जानकारी ही बचाव
इनटरनेट से डाउनलोड करने वाली फाइल का एक्सटेंसन अवश्य जांचें। किसी फाइल के अन्तीम तीन अक्षर उसका एक्सटेंशन तय करते हैं। जैसे मायफाइल.डॉक में अंतिम तीन अक्षर बताते हैं कि यह फाइल डाक्यूमेंट टाइप की है। इसी तरह अगर फाइल के अंत में .ईएक्सई हो तो यह फाइल संदेहास्पद होगी। ऐसी फाइल बहुत कम साइज की होती है। इससे सावधान रहें। कई बार हैकर छदम एक्सटेंशन का भी इस्तेमाल करते हैं जैसे मायफाइल.डॉक.ईएक्सई । इसमें भी अंतिम तीन शब्द ईएक्सई ही फाइल का एक्सटेंशन है इसलिए सावधान रहें।

Saturday, December 15, 2007

breking nyooj
कलाकार : कोयल पुरी, संगीता ,स्वाती सेन ,हर्ष छाया , विनय आपटे , विरेन्द्र सक्सेना , अभिमन्यु सिंह , राहुल वोहरा
निर्देशक : विशाल ईनामदार
निर्माता : स्मिता और श्रेयस्कर मास्कर
संगीत : कौशल ईनामदार

koel purieतेज रफ्तार से भागती जिंदगी और उसकी महत्वकांक्षाओं की उड़ान के पीछे छिपे सच को तलाश करती एक जिद का नाम है ब्रेकिंग न्यूज । जिसमें है सेक्स , क्राइम और हिंसा से भरा हुआ स्याह चेहरों का खेल और इस हमाम में नेता ,अफसर, और टीआारपी के पीछे भागते मीडिया के आका नंगे बदन खड़े हैं, जहां शर्म भी खुद से शर्माती है। इस विंब में एक ऐसा चेहरा भी है जो एक झीनी सी उम्मीद जगाता है। टीआरपी के खेल के बीच भी अभी कुछ ऐसा है जो मीडिया से उम्मीदों को जिंदा रखता है। जी हां, वो है एक खबर जो तलाश करती है अपने से आगे की खबर और छोड़ जाती है अनगिनत प्रश्न .....मीडिया और समाज के रिश्ते के बीच के उस रिक्त स्थान के लिए जहां पर सच को तलाश करते हुए दिखलाई पड़ते हैं क्राइम रिपोर्टर विद्या सहगल जैसे चेहरे जो पत्रकारिता के वास्तविक उसूलों के लिए काम कर रहे हैं।

फिल्म की कहानी डेडलाइन और सच नाम के दो टीवी चैनलों के टीआरपी की दौड़ में एक दूसरे से आगे निकल जाने की होड़ से शुरू होती है जिसके एक सिरे पर क्राइम रिपोर्टर विद्या सहगल है तो दूसरें पर अभिमन्यु सिंह और इनके स्टिंग ऑपरेशन में अपनी रूह को हैवानियत के दरिंदों से बचाने की उम्मीद में संगीता जैसा किरदार। इस स्टिंग ऑपरेशन की चपेट में आता है शहर का एक रंगीन मिजाज एसपी और डीआईजी और फिर शुरू होता है टीआरपी का खेल जहां पर कुछ भी सेंसर्ड नहीं है, क्योंकि चैनल का बॉस मानता है कि सेक्स और क्राइम बिकता है। इसलिए वो सब कुछ सही है जो चैनल की दर्शक संख्या बढ़ाता हो। इसके बाद शुरू होती है एक जंग, खबर को उसकी मंजिल तक पहुंचाने की।

निर्देशक विशाल ईनामदार बधाई के पात्र है जिनके पास सच कहने की जुबां और सलीका दोनों है । कोयल पुरी ने बेहतर अभिनय किया है । फिल्म में संगीत और नाच गाने की गुजांइश कम थी और यहां दर्शकों को निराशा हाथ लग सकती है। रही बात बॉक्स ऑफिस पर सफलता की तो टीवी स्क्रीन पर लगभग रोज स्टिंग ऑपरेशन देखने वाला दर्शक आता है या नहीं ये देखने वाली बात होगी। हालाकिं यहां उसके लिए एक सच इंतजार कर रहा है।

दरअसल ब्रेकिंग न्यूज समाज की घटनाओं पर ही आकर खत्म नहीं हो जाती बल्कि समाज पर नजर रख‌ने वाले लोगों की जिंदगी को भी बयान करती है। भेड़िये यहां भी हैं जो प्रमोशन के नाम पर सेक्स की भूख मिटाना चाहते है जिससे विद्या सहगल जैसे पत्रकार तो अपने आपको बचा ले जाते हैं पर कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो अपने शरीर को अपनी ताकत और मर्दो की कमजोरी मान लेते हैं। और प्रगति के घोड़े की लगाम अपने हाथ में रखने वाली लड़कियों को कभी-कभी इसकी कीमत अपनी जिंदगी से भी चुकानी पड़ती है। मीडिया में आज सेक्स और क्राइम का घाल‍‍मेल तड़के की तरह इस्तेमाल होता है चाहे वो टीवी चैनल की स्क्रीन हो या मीडिया का ऑफिस, खेल यहां भी होता है बस खिलाड़ी और मोहरे बदल जाते है । और इनकी कहानियॉ गॉसिप बनके रह जाती हैं। वक्त से तेज भागते समाज और मीडिया दोनों का सच भी शायद यही है क्योंकि

हर आदमी में होती है थोड़ी सी भूख और प्यास जब चाहे जहां चाहे आग लगा लो ..फर्क नहीं पड़ता । पर खबरदार कोई देख रहा है..

Sunday, December 9, 2007

न्यूट्रॉन बीम बताएगी पता

फ्लोरेंस (इटली). लियोनार्डो डा विंसी के खोए हुए मास्टरपीस का पता लगाने के लिए अब न्यूट्रॉन बीम्स (न्यूट्रॉन की किरणों) का इस्तेमाल किया जा रहा है। फ्लोरेंस के पैलाजो वेचियो की दीवार के पीछे इस कृति के होने की संभावना जताई जा रही है।

battle of anghiariआर्ट डायग्नोस्टीशियन मॉरीजियो सेरासिनी ने इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए 30 साल तक इंतजार किया है। सेरासिनी की टीम नवंबर में पैलाजो की 177 फीट लंबी दीवार का निरीक्षण करेगी और डा विंसी की कृति बैटल ऑफ अंघियारी की तलाश करेगी। 1.5 मिलियन डॉलर की लागत वाले इस खोज अभियान को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के सैन डियेगो सेंटर ऑफ इंटरडिसिप्लिनेरी साइंस फॉर आर्ट, आर्कीटेक्चर एंड आर्कियोलॉजी की ओर से चलाया जा रहा है।

1977 में आर्ट एंड आर्कीटैक्चरल डायग्नोस्टिक सेंटर एडीटैक की स्थापना के बाद सेरासिनी ने अब तक इंजीनियरिंग, आर्ट हिस्टरी और मेडिसिन की मदद से 2000 इमारतों और कलाकृतियों का अध्ययन किया है। सेरासिनी अपने आर्काइव के काम के लिए अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, इन्फ्रारेड, थर्मोग्राफी और अल्ट्रावॉयलेट डिवाइसेज का इस्तेमाल करते हैं। एडीटैक की ओर से अब तक बॉटीसेली के एलेगरी ऑफ स्प्रिंग में थ्री ग्रेसेज और लियोनार्डो डा विंसी के एडोरेशन ऑफ द मैगी नाम की कलाकृतियों को खोजने में मदद की है। इसके बाद आई डॉन ब्राउन की किताब द डा विंसी कोड में उन्हें अकेले वास्तविक चरित्र का दर्जा मील सका।

क्या है न्यूट्रॉन्स बीम्स तकनीक
serraciniन्यूट्रॉन्स के जरिए कलाकृतियों की सार-संभाल का काम नया नहीं है। मॉरीजियो सेरासिनी का कहना है की न्यूट्रॉन एक्टिवेशन एनालीसिस नाम की इस तकनीक में न्यूट्रॉन्स की किरणों को छोड़ा जाता है, जो किसी चीज पर पड़ते ही उसके रसायनिक तत्वों से मीलती हैं और गामा कीरणों को तैयार करती हैं। इन किरणों को एक डिटेक्टर पकड़ लेता है। सेरासिनी के मुताबिक इसमें सबसे मुश्कील चीज हैं उपकरण जिनका इस्तेमाल इस तरह करना होता है की आप न्यूट्रॉन बीम्स को छोड़ने के बाद मील रहे निष्कर्षो का विश्लेषण ठीक से कर सकें। इसमें कई-कई हफ्ते भी लग सकते हैं और डाटा भी काफी धीरे-धीरे ही हासील हो पाता है।

सेरासिनी का कहना है कि हमें यह पता है की लियोनार्डो ने अपनी पेंटिंग्स में किन रसायनों का इस्तेमाल किया था इसलीये इनका पता लगाना आसान है। इसके बाद इस कृति की नकली इमेज मील सकती है, जीसमें यह भी पता चल जाएगा कि वह कहां है और कीतनी बड़ी है।

Friday, December 7, 2007

शादी का बीमा भी करा सकते हैं आप

मुंबई. क्या आप जानते हैं की विवाह की अंगूठी (वैडिंग रिंग) खोने पर आपको बीमा सुरक्षा मिल सकती है? या वैडिंग गाउन के समय पर नहीं मिल पाने या शादी का बीमा भी करा सकते हैं आपविवाह के मौके पर फोटोग्राफर के नहीं आने पर भी आपको इश्योरैंस मील सकता है? पश्चिमी देशों में इस प्रकार का बीमा आम बात है, लेकिन भारत में अभी इतना लोकप्रिय नहीं हुआ है। कुछ राष्ट्रीयकृत बीमा कंपनियां और निजी कंपनियां ऐसी बीमा सुरक्षा उपलब्ध करा रही हैं।

धार्मिक मान्यताओं के कारण प्रचलन में नहीं
बजाज आलियांज जनरल इंश्योरैंस के हैड अंडरराइटिंग, टी. ए. रामालिंगम कहना है, ‘लोगों में कम जागरूकता के कारण ऐसी योजनाएं अब भी शशवकाल में हैं। दूसरी ओर, धार्मिक मान्यताओं और रीती-रीवाजों के चलते वे नकारात्मक पहलुओं पर बात नहीं करना चाहते हैं। पश्चिमी देशों में बीमा के परती जागरूकता बढ़ने से विवाह बीमा योजनाएं प्रचलन में आ गई हैं। भारत में विवाह बीमा योजना अब भी ऐच्छिक बीमा योजना है। इसमें विवाह से जुड़े कुछ निर्दिष्ट जोखिम कवर होते हैं।’

रामलिंगम के अनुसार भारतीय विवाह में होने वाले खर्च की भारी-भरकम राशि को देखते हुए विवाह योजनाएं बनाने वाले अब बीमा सुरक्षा का औचित्य समझने लगे हैं। बजाज आलियांज के विवाह बीमा उत्पाद में 20 लाख रुपए से लेकर 70 लाख रुपए तक की बीमित राशि के विकल्प दिए गए हैं। इसकी प्रीमियम रेंज 3,770 रुपए से 14,276 रुपए तक है।

वीवाह बीमा में कवर होने वाले जोखीम
1. शादी में आगजनी का घटना
2. दूल्हा-दुल्हन या उनके रक्तसंबंधियों से संबंधित कोई दुर्घटना जोखिम
3. गहने, कपड़े या कीमती सामान चोरी होना
4. जायज या निर्दिष्ट कारणों से विवाह रद्द होना
5. प्राकृतिक या आपराधिक या आतंकी हमले के कारण विवाह स्थल को होने वाले नुकसान
6. कुछ खास दुर्घटनाओं जैसे फूड पॉइजनिंग आदी

वीवाह अर्थशास्त्र
* भारत का विवाह बाजार 1. 25 लाख करोड़ रुपए का है
* यह सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है
* तीन-दिवसीय कॉकटेल इवैंट की लागत 1.5 करोड़ हो सकती है
* थीम आधारित विवाह की लागत 2.5 करोड़ रुपए से शुरू होती है
* एक प्रसिद्ध एंटरटेनर एक शाम की पेशकश के एवज में 30 लाख रुपए तक ले सकता है।

बैंक से नोट लेते समय भी बरतें सावधानी

नई दील्ली. नकली नोट कहीं त्यौहार का मजा ही किरकिरा न कर दें, इसलीये जरुरी है की जब बैंक से भी नोट लें तो उसे जांच-परख लें। सीबीआई के ताजा noteआंकड़ों के अनुसार पिछले एक दशक में उसने देश भर से 80 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के नकली नोट जब्त किए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू नई ट्रेन में भी नकली नोट पकड़े जाने की घटनाओं में इजाफा देखा गया है।

आमतौर पर दिल्ली और मुंबई में चलाए गए नकली नोट चेन्नई तक में जब्त किए गए हैं। नकली नोटों की बरामदगी में हैदराबाद, राजस्थान और उत्तर प्रदेश भी कुछ ज्यादा पीछे नहीं हैं। वैसे तो आमतौर पर 500 रुपए के ही नकली नोट पकड़े जाते हैं, लेकिन 100 रुपए के नकली नोट भी कई बार जब्त किए गए हैं। सीबीआई सूत्रों के अनुसार वैसे तो नकली नोट देश में भी बनाने की कोशिशें होती रहती हैं, लेकिन स्तरीय नकली नोट पाकिस्तान से ही देश में लाए जाते हैं।

इंटरपोल कुछ करे : सीबीआई प्रमुख
नकली नोट किसी भी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा हैं और इंटरपोल को इस समस्या से निबटने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। सीबीआई प्रमुख विजय शंकर ने मोरक्को में कराकेश में आयोजित इंटरपोल की 76वीं महासभा की बैठक में मंगलवार को बताया कि भारत से पिछले एक वर्ष में सात से आठ करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त कीये गए हैं।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार उन्होंने यह भी कहा की इस बात के भरपूर प्रमाण हैं की नकली नोटों का इस्तेमाल आतंकवाद को धन मुहैया कराने और विभिन्न देशों के बीच संगठित अपराध को बढ़ावा देने के लिए कीया जा रहा है।

डाक टिकटों पर दिखेंगे सचीन अमीताभ!

पटना. हो सकता है कि नीकत भविष्य में आप महात्मा गांधी के साथ सचीन तेंडुलकर, अमीताभ बच्चन और विश्वनाथन आनंद के चित्रों की छाप वाले डाक टिकटों का भी उपयोग करें।

डाक वीभाग इन जीवित हस्तियों पर डाक टिकट नीकालने के बारे में गंभीरता से वीचार कर रहा है। यह खुलासा केंद्रीय सूचना राज्यमंत्री डॉ. शकील अहमद ने गुरुवार को कीया।

डाक विभाग द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संचार और सूचना तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव आने के बावजूद देश की 70 फीसदी जनसंख्या अब भी डाक सेवाओं का उपयोग कर रही है। उन्होंने इस बात से इनकार कीया की पत्र व्यवहार में कमी आई है।

मंत्री ने कहा कि लोगों ने व्यक्तिगत पत्रों का लेखन बंद कर दिया है, लेकीन व्यावसायिक पत्र-व्यवहार और स्पीड पोस्ट में खासा इजाफा हुआ है।

Thursday, December 6, 2007

2008 में कंप्यूटर को 10 बड़े खतरे

नई दिल्ली. नए साल में साइबर दुनिया में नए तरह के खतरे भी सामने होंगे। कंप्यूटर विशेषज्ञों ने दस ऐसे बड़े खतरों की पहचान की है, जो नए साल में आपके 2008 में कंप्यूटर को 10 बड़े खतरेपर्सनल कंप्यूटर और इंटरटेनमेंट उपकरणों के जरिए बड़ी चपत लगा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार अगले साल चीन में ओलंपिक शुरू हो रहे हैं। अत: हैकर्स इसके प्रति लोगों की जिज्ञासाओं का लाभ उठाकर साइबर हमले कर सकते हैं। पहले वायरस स्पेसीफिक आपरेटिंग सिस्टम के लिए बनते थे, जबकि नए वायरस डायनामिक नेचर के होंगे और जैसा आपरेटिंग सिस्टम होगा उसी के अनुरूप उनका कोड चेंज हो जाएगा। इस तरह ये आईफोन और मैक को भी अपनी चपेट में लेने में सक्षम होंगे।

वेब 2.0 खास निशाना
हैकर्स विशेष ग्रुप और प्रोफेशन के लोगों को निशाना बनाने के लिए वेब 2.0 पर अपनी गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। इनमें चैटरूम, आटोमोबाइल व ट्रैवल साइट होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हैकर्स अब क्रिप्टो-बायरोलोजी के जरिए और सशक्त हो गए हैं। वे एंटीवायरस को उड़ाने में सक्षम और मीडिया फाइल के साथ वायरस भेजने की तकनीक से भी लैस हैं।

इतना ही नहीं इंटरनेट प्रोटोकाल और वायस कांफ्रेंसिंग भी अब उनकी पहुंच से दूर नहीं है। वे आपके सिस्टम से कोड हासिल करेंगे और फिर आपके लैंडलाइन फोन तक पहुंच सकते हैं। फाल्स कॉल के जरिये प्रलोभन देकर आपको मोटी चपत लगा सकते हैं।

1. ओलंपिक के नाम से नए साइबर अटैक।
2. छदम ब्लाग और बेवसाइट्स।
3. वेब की ‘कमजोर कड़ी’ का इस्तेमाल।
4. कंप्रोमाइज्ड वेबसाइट्स का लांच पैड की तरह हमले के लिए इस्तेमाल।
5. मेक, आइफोन, वायस कांफ्रेंसिंग आदि आपरेटिंग सिस्टम भी सुरक्षित नहीं।
6. विशेष ग्रुप और प्रोफाइल के लोगों पर नजर।
7. एंटीवायरस को ध्वस्त करना।
8. डाटा चोरी और छेड़छाड़।
9. कानून व्यवस्था को धत्ता बताना।
10. सेल फोन और लैंडलाइन कालिंग सिस्टम तक पहुंच।

अब Hindi का जवाना है

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