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Friday, February 22, 2008

वैलेंटाइन के लिए शायरी

तबियत अपनी घबराती है जब सुनसान रातों में, हम ऐसे में तेरी यादों की चादर तान लेते हैं

अजब आरजू अनोखी तलब है, तुझी से तुझ को माँगना चाहता हूँ

मैंने माशूक बहारों में तुझे देखा है, चांदनी रात के सितारों में तुझे देखा है

दूरी के घाम कुछ और सिवा हो के रह गए, हम उनसे क्या मिले की जुदा होके रह गए

हम पाला मुद्दतों पहलू में, हम कुछ भी नहीं, तुमने देखा इक नज़र और दिल तुम्हारा हो गया

भूली बिसरी चाँद उम्मीदे, चाँद फसाने याद आए, तुम याद आए और तुम्हारे साथ ज़माने याद आए

दिल धड़कने का सबब याद आया, वह तेरी याद थी अब याद आया

मौसम आयेंगे जायेंगे, हम तुमको भूल न पायेंगे

न जी भर के देखा न कुछ बात की, बहुत आरजू थी मुलाकात की

हजूर आप का ही एहतराम करता चलूँ, इधर से गुजरा था, सोचा सलाम करता चलूँ

एक कमी थी ताज महल में, हम ने तेरी तस्वीर लगा दी

कासिद के आते आते ख़त इक और लिख चलूँ, मैं जानता हूँ जो व्हो लिखेंगे जवाब में

दिल का वीराना हो गया लेकिन, अब भी है तेरी आरजू इस में

और तो कौन है जो मुझ को तस्सल्ली देता, हाथ रख देती है दिल पेय तेरी बातें अक्सर

Sunday, February 17, 2008

कंट्रोवर्सी क्वीन ब्रिटनी स्पीयर्स

ब्रिटनी स्पीयर्स की पैदाइश लुइसियाना प्रांत में एक बेप्टिस्ट घर में हुई। वो अच्छी जिमनास्ट रहीं और 9 साल की उम्र तक स्टेट लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा भी लेती रहीं। महज 13 साल की उम्र में द न्यू मिकी माउस क्लब, फ्लोरिडा के लिए चुनाव हुआ, अजीब इत्तेफाक है कि इस शो के लिए उनके साथ फ्यूचर सेलिब्रिटीज क्रिस्टीना एग्यूलेरा, जस्टिन टिंबरलेक और रयान गॉसलिंग भी चयनित हुए थे। आगे चलकर वो इन्हीं फैलो पॉप स्टार्स के साथ कैरियर की ऊंचाइयां चढ़ती गईं।

लहराया परचम

ब्रिटनी की सफलता का परचम 1999 के डेब्यू एलबम ‘बेबी वन मोर टाइम’ से लहराया। ये बिलबोर्ड का टॉपिंग सिंगल रहा, इसे 100 गेट्रेस्ट सांग ऑफ ऑल टाइम का दर्जा प्राप्त है। दूसरे एलबम ‘ऊप्स..आई डिड इट अगेन’ ने भी काफी नाम कमाया। इसकी पूरी दुनिया में 2 करोड़ 50 लाख कॉपियां बिकीं। ‘टॉक्सिक ’ ने ब्रिटनी को ग्रेमी अवार्ड दिलवाया। उनका अब तक का आखिरी एलबम ‘ब्लैकआउट’ 2007 में आया।

पुरस्कारों की बौछार

म्यूजिक वर्ल्ड की शोहरत के कारण ब्रिटनी कोकई हाई प्रोफाइल एडवरटाइजमेंट डील और एंडोर्स्मेंट्स भी मिले। अवार्ड्स के मामले में वर्ष 1999 उनके लिए काफी लकी रहा। इस साल उन्हें बिलबोर्ड के चार म्यूजिक अवार्ड्स और फीमेल आर्ट्स्टि ऑफ द ईयर से नवाजा गया। उन्हें अमेरिकन म्यूजिक अवार्ड से भी नवाजा गया। 2000 में उन्हें ग्रेमी अवार्ड के लिए नामांकित किया गया लेकिन क्रिस्टीना एग्युलेरा और सारा मैकलैचलन ने पछाड़ दिया। वैसे ब्रिटनी का दिल बहुत बड़ा है, उन्होंने अपने पर्सनल इस्तेमाल की कई चीजें ई-बे पर नीलाम कीं, इसका पूरा पैसा हरीकेन ‘कैटरीना’ के पीड़ितों को गया। इस सामान में ज्वेल स्टडेड अंडर गारमेंट्स और मशहूर कंपनी जे.क्रू के फिल्प फ्लॉप्स शामिल थे।

विवादों की शुरुआत

सितंबर 2001 में एमटीवी अवार्ड्स के दौरान ब्रिटनी ने एक बड़ा सा पायथन स्नेक गले में डालकर परफॉर्म किया। उनके नंबर ‘आय एम यौर स्लेव’ ने काफी वाहवाही बटोरी। इसने ब्रिटनी को कई पुरस्कार दिलाने के साथ-साथ उन्हें पावरफुल सेलिब्रिटीज की जमात में शामिल करवाया। हालांकि शो में पायथन के इस्तेमाल पर एनिमल एक्टिविस्ट्स ने खूब होहल्ला भी मचाया। अगस्त 2003 में ब्रिटनी का नाम फिर विवादों से जुड़ा।

इसकी वजह उनका और मडोना का ऑन स्टेज लिप लॉक किस था। नवंबर 2003 में टीवी इंटरव्यू के दौरान वो जस्टिन टिंबरलेक से अपना रोमांस खत्म होने की बात पर फफक पड़ीं। जूनियर आर्टिस्ट केविन फेडरलिन से उनके विवाह ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। दो साल के अंदर उनके दो बच्चे हुए और जल्द ही नौबत तलाक तक पहुंच गई। यहीं से ब्रिटनी की मानसिक स्थिति में उथल-पुथल का दौर शुरू हुआ।

खली ही बनेगा महाबली

जालंधरवर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन में आज एज और रे मेस्टीरियो के बीच जो जीतेगा वो एलिमिनेशन चैंबर के 6 योद्धाओं खली, बतिस्ता, अंडरटेकर, एमवीपी, फिनले व बिग डैडी वी में से जीते योद्धा के साथ भिड़ेगा। इनमें से जो जीता वो वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन ।

‘द ग्रेट अमेरिकन बैश’ के ट्रिपल थ्रैट मैच में साथी महान पहलवानों बतिस्ता और केन को हराने के बाद खली ने 20-मैन बैटल रॉयल प्रतियोगिता में शिरकत की और सभी को धूल चटाते हुए वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियन बना। अब खली की रविवार को होने वाली नो वे आउट जंग को लेकर उसके हिमाचल स्थित पैतृक गांव और देश में भारी उत्साह है। सभी ओर खली के लिए दुआएं की जा रही हैं कि हमारा खली ही वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बने। शहर में भी खली की जीत के लिए हवन यज्ञ किए जा रहे हैं।

खली और खली के प्रतिद्वंद्वियों के बीच इस जंग को देखने के लिए लोग बेकरार हैं। यहां दिग्गज आपस में भिड़ेंगे। खली आने वाले दिनों में फिल्मों में भी नजर आएंगे। एक फिल्म तो वे कर भी चुके हैं। उन्हें 3 अमरीकी फिल्मों के ऑफर भी मिले हैं। एक शीघ्र ही रिलीज होने वाली है।

खली

कद 7 फुट 3 इंच ,भार 420 पौंड

बतिस्ता कद 6 फुट 6 इंच भार 290 पौंड

अंडरटेकर कद 6 फुट 10 इंच भार 295 पौंड

एमवीपी कद 6 फुट 3 इंच भार252 पौंड

फिनले कद 6 फुट 2 इंच भार 235 पौंड

तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार, युवी फिसले

दुबई.तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार, युवी फिसले ऑस्ट्रेलिया में चल रहे त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अभी तक बड़ी पारी न खेल पाने के बावजूद सचिन तेंडुलकर की वनडे रैंकिंग में सुधार हुआ है, जबकि खराब दौर से गुजर रहे युवराज सिंह फिसल गए हैं। आईसीसी की शनिवार को जारी वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सचिन ने लगातार सुधार किया है। वे 7वें नंबर पर आ गए हैं, जबकि सीरीज में लगातार नाकाम हो रहे युवराज सिंह 4 पायदान फिसलकर 19वें नंबर पहुंच गए हैं।

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दो पायदान फिसल कर 13वें नंबर पर हैं। अन्य भारतीयों में गौतम गंभीर ने दो पायदान की सुधार की है और 35वें नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग 804 अंक के साथ चोटी पर बने हुए हैं। श्रीलंका के विरुद्ध शानदार 118 रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट 10 स्थान चढ़ते हुए दूसरे नंबर आ गए हैं।

भज्जी टॉप 20 में : वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में हरभजन सिंह 5 पायदान की सुधार कर टॉप 20 में 18वें नंबर पर आ गए हैं। युवा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा 96वें नंबर पर हैं।

टीम रैंकिंग
ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर : टीमों की वनडे रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत कायम है, जबकि उससे 3 अंक पीछे दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे नंबर पर हैं। भारत चौथे स्थान पर बरकरार है। श्रीलंका 2 अंक के नुकसान के साथ छठे नंबर पर फिसल गया है। इंग्लैंड 7 वें स्थान पर है।

Monday, February 4, 2008

इश्क करना

इस ज़माने से बोहत अलग हो आप
वो खुश किस्मत है जिसके पास हो आप
हमारे लिए वो वक्त ही हसीं है
जब हमें याद करके दिल से मुस्कुरा लेते हो आप ”
जब हमें याद करके दिल से मुस्कुरा लेते हो आप ”


अब न कोशीश करेंगे उन्हें भुलाने की
जिनकी आदत है बिन् बात रूठ जाने की
वह चाहे तोः भूल जाए हमें सपना समझ कर
मगर हमें आदत नहीं अपनों को दिल से भुलाने की ”


यूं दूर रहकर दूरियों को बढाया नहीं करते
अपने दीवानों को सताया नहीं करते
हर वक्त बस जिससे तुम्हारे ख़याल हो
उससे अपनी आवाज़ के लिए तद्पाया नहीं करते


तुमसे रिश्ता तोड़ भी नहीं सकते और जोड़ भी नहीं सकते
तू बेवफा है यह सोच के तुमसे मुह मोड़ भी नहीं सकते
बेशक तू किसी और के हाथों की लकीरों में ही सही
यह सोच के हम तुमसे मिलने की आस छोड़ भी नहीं सकते

Tuesday, January 29, 2008

लाइसेंस बनवाने में नहीं कोई ब्रेक

इंदौर.in यदि आपकी उम्र कम है फिर भी लाइसेंस की चाहत है तो कोई दिक्कत नहीं। इसके लिए बस एक शपथ पत्र की जरूरत है। पते और अन्य कागजात के लिए दस्तावेज न भी हो तो चलेगा। आखिर एजेंट किस मर्ज की दवा है.. इंदौर में हर माह बनने वाले चार हजार लाइसेंस में से ज्यादातर लाइसेंस बिना यातायात नियम के परीक्षण और ट्रायल की औपचारिकताओं के एजेंट ही बनवा रहे हैं।

वे स्कूलों से लर्निग लाइसेंस बनवाकर ला देते हैं, आवेदक को जाने की जरूरत ही नहीं है। अब रही बात लाइसेंस पक्के करवाने की तो आरटीओ में यह काम भी बिना औपचारिकताओं के ही हो जाता है। हां इसके लिए जेब ज्यादा ढीली करना होगी। मिलीभगत से बने इन लाइसेंस में से कइयों के रिकॉर्ड नहीं हैं तो कइयों की फीस नहीं। हद तो तब हो गई जब स्कूलों से ट्रैक्टर और हैवी व्हीकल के लाइसेंस जारी हो गए।

विदेशों में सबसे मुश्किल है लाइसेंस बनना। दक्षिण भारत, हैदराबाद, पुणो, नासिक, दिल्ली-मुंबई में भी लाइसेंस बनवाने में लोगों को यातायात नियम की जानकारी और कई तरह के टेस्ट के बाद लाइसेंस के बाद ही दिया जाता है लेकिन इंदौर में यह काम बड़ा आसान है। भारत की नागरिकता के लिए लाइसेंस एक पहचान पत्र है। जुलाई-07 में जब से लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण के तहत स्कूलों को लर्निग लाइसेंस बनाने का अधिकार दिया है, समस्या दोगुना हो गई है।

स्कूलों से बिना किसी यातायात नियम के परीक्षण के धड़ल्ले से थोकबंद लर्निग लाइसेंस जारी हो रहे हैं। एजेंट ही लर्निग लाइसेंस बनवाकर ला देते हैं, आवेदक को जाने की जरूरत ही नहीं है। पहले विजयनगर के आरटीओ में कम्प्यूटर पर प्रश्नों के सही जवाब देने पर ही लर्निग लाइसेंस बनता था पर अब वहां गिनेचुने लोग आते हैं।

लाइसेंस पक्के तो आरटीओ अधिकारी ही करते हैं पर यहां भी ज्यादातर बिना औपचारिकताओं के ही हो जाते हैं। अधिकारियों का कहना है ट्रायल के लिए ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक नहीं है, स्टाफ भी कम है। एक आरटीआई है जो ट्रायल की औपचारिकताएं पूरी करता है।

मुझे ठीक सुनाई नहीं दिया

एडिलेड: आखिरकार बीसीसीआई ने प्रतिष्ठा की लड़ाई जीत ली है। हरभजन सिंह को आईसीसी के अपीलीय जज जॉन हैनसन ने नस्लीय टिप्पणी के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है। इसमें बोर्ड ने हर संभव प्रयास किया। पहले ब्रेड हॉग के खिलाफ की गई शिकायत वापस लेकर मेजबान पर नैतिक दबाव बनाया,फिर बोर्ड के प्रमुख अधिकारी आईएस बिंद्रा ने ऑस्ट्रेलिया पहुंच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया(सीए) और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनसे भज्जी के खिलाफ लगे आरोपों को हटाने का आग्रह किया।bindra

इस पर भी उसे अपनी बात बनने में शंका हुई तो उसने सोमवार को फिर सिरीज से लौटने की धमकी का भी सहारा ले डाला। भज्जी मामले में आज के घटनाक्रम में एक नजर:

सायमंड्स का यू टर्न : symondsइस मामले में चौकाने वाली बात यह रही कि भज्जी पर नस्लभेद का आरोप लगाने वाले एंड्र्यू सायमंड्स ने न्यायमूर्ति हेंसन के सामने कहा कि वास्तव में उन्हें कुछ साफ-साफ सुनाई नहीं दिया था। सुनवाई के दौरान स्टंप माइक्रोफोन के स्क्रिप्ट को पेश करने की जरूरत ही महसूस नहीं की गई।

धारा 3.3 के बदले की गई धारा 2.8 के तहत कार्रवाई : हरभजन पर आईसीसी की कठोर धारा 3.3 के बदले नरम धारा 2.8 के तहत कार्रवाई की गई। पहले हरभजन पर धारा 3.3 के तहत तीन टेस्ट मैच खेलने पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन मंगलवार को न्यायमूर्ति जॉन हेंसन ने सुनवाई के बाद उन पर धारा 2.8 के अंतर्गत कार्रवाई की। इस धारा के अनुसार खिलाड़ी पर दो वनडे मैचों या 1 टेस्ट मैच के खेलने पर प्रतिबंध का प्रावधान है, लेकिन भज्जी पर केवल 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाने निर्णय सुनाया गया। harbhajan

दोनों कप्तानों ने दी लिखित में सहमति-पत्र : हेंसन के सामने दोनों टीम के कप्तानों ने एक पत्र पेश किया। इसमें कहा गया है कि हरभजन सिंह ने नस्लभेदी टिप्पणी नहीं की थी। इसमें स्वीकार किया गया है कि हरभजन ने कुछ ‘अपशब्द’ कहे थे। इस पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग, एंड्र्यू सायमंड्स, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय कप्तान अनिल कुंबले, सचिन तेंडुलकर और टीम इंडिया के मैनेजर चेतन चौहान के हस्ताक्षर थे।

बोर्ड ने अख्तियार किया था कड़ा रुख : इस मामलें में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर के फैसले के खिलाफ हरभजन की ओर से अपील की थी। बीसीसीआई ने कड़ा रुख अख्तियार किया था और साफ कह दिया था कि भारत का कोई भी खिलाड़ी नस्लभेदी हरकत कर नहीं सकता और इस ‘कलंक’ के साथ टीम का दौरा जारी नहीं रख जा सकता है।

बकनर को हटाया था आईसीसी ने : अंपायर स्टीव बकनर को सीरीज से हटाए जाने और हरभजन को अपील पर सुनवाई पूरी होने तक प्रतिबंध से छूट मिलने के बाद भारत ने दौरा जारी रखने का फैसला किया था। फिर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि हरभजन की अपील खारिज किए जाने की स्थिति में भारतीय टीम दौरे के बीच से ही स्वदेश लौट सकती है।

बोर्ड ने निर्णय का स्वागत किया : एडिलेड में सुनवाई के दौरान ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पों¨टग, सायमंड्स, मैथ्यू हेडन और माइकल क्लार्क ने इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल (आईसीसी) के अपील आयुक्त न्यूजीलैंड के न्यायाधीश जॉन हेंसन के सामने सुनवाई के दौरान हरभजन पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप वापस ले लिया। बोर्ड अध्यक्ष शरद पवार ने आईसीसी के इस निर्णय का स्वागत किया। पवार ने कहा, ‘आईसीसी के इस निर्णय के बाद भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा जारी रहेगा और हम क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।’ उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बीसीसीआई के वर्र्षो से चले आ रहे मधुर संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मेलबोर्न जाएगी टीम : भज्जी पर नस्लभेद का कलंक छूटने के बाद टीम इंडिया भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुक्रवार को मेलबोर्न में होने वाले ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैच के लिए बुधवार को मेलबोर्न पहुंचेगी। ट्वेंटी-20 मैच के बाद अगले माह भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच वनडे क्रिकेट मैचों की त्रिकोणीय सीरीज शुरू होगी, जिसका पहला मैच मेजबान ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच 3 फरवरी को खेला जाएगा। त्रिकोणीय सीरीज का फरवरी के आखिरी सप्ताह में समाप्त होगी।

ऐसा था दृश्य :sachin

* मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष क्रेग ओकोनोर एक साथ होटल से बाहर आए। इसके 15 मिनट पहले हरभजन सिंह टीम के मीडिया मैनेजर एमवी श्रीधर के साथ बाहर आ चुके थे। भज्जी के चेहरे पर जीत की खुशी झलक रही थी।

* सचिन व हरभजन ने वहां इंतजार कर रहे मीडिया प्रतिनिधियों से बात नहीं की।

* पोंटिंग, सायमंड्स, क्लार्क और मैथ्यू हेडन मीडिया से बचते हुए फेडरल कोर्ट के पिछले दरवाजे से अंदर गए।

* हेंसन अपनी एक रिपोर्ट आईसीसी को देंगे। * आईसीसी के प्रवक्ता समी-उल-हसन ने कहा कि दोनों टीमों के कप्तानों द्वारा लिखित में पेश पत्र ने हेंसन के काम को आसान कर दिया।

* सभी ने बारी-बारी से गवाही दी।

* वीआर मनोहर बतौर वकील मुंबई से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से हरभजन की ओर से जिरह की। उन्होंने सायमंड्स के कुछ सवाल भी किए।

* 5.30 घंटे हुई सुनवाई ।

‘इस निर्णय से हम बहुत खुश हैं। अब टीम इंडिया वनडे सीरीज पर ध्यान देगी ओर बुधवार को सभी खिलाड़ी ट्वेंटी-20 मैच के लिए मेलबोर्न रवाना होंगे।’निरंजन शाह, सचिव, बीसीसीआई-------

अब सारे विवाद मिट गए हैं। इस फैसले से टीम ने राहत की सास ली है। अब सभी क्रिकेट पर ध्यान देंगे।’पीटर यंग, प्रवक्ता, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

अब Hindi का जवाना है

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