मुंबई.
यूरो कप फुटबॉल के कारण वनडे टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उपकप्तान युवराज सिंह की दोस्ती में दरार पड़ गई है। माना जा रहा है कि यूरो कप के एक मैच में युवराज के बतौर चीफ गेस्ट जाने को लेकर धोनी उनसे नाराज हैं।
धोनी का कहना है कि युवराज को 15 जून को स्विटजरलैंड जाना है और इसी दिन किट प्लाई सीरीज के फाइनल मैच का रिजर्व डे है। ऐसे में युवराज टीम इंडिया को छोड़कर कैसे जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार धोनी को यूरो कप फुटबॉल के एक मैच में मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार देने के लिए 15 जून को आमंत्रित किया गया था। धोनी ने आमंत्रण यह कह कर ठुकरा दिया कि 14 जून को त्रिकोणीय क्रिकेट सीरीज का फाइनल मैच है और 15 जून को रिजर्व डे। यदि 14 जून को बारिश के कारण मैच नहीं हुआ तो रिजर्व डे को मैच संभव है। ऐसे में वे टीम को छोड़ कर कैसे जा सकते हैं। जब धोनी नहीं माने तो आयोजकों ने युवराज से संपर्क साधा। युवी ने कप्तान धोनी से सलाह मशविरा किए बिना ही इस ऑफर को स्वीकृति दे दी। बस धोनी इसी बात पर युवराज से खफा हैं।
उनका कहना है, ‘युवी टीम के उपकप्तान हैं अत: जब टीम हित में मैं मना कर सकता हूं तो युवी क्यों नहीं’। बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने स्पष्ट किया है कि युवी ने स्विटजरलैंड जाने के लिए बीसीसीआई से अनुमति ली थी। उन्हें बीसीसीआई की ओर से कहा गया कि यदि रिजर्व डे में मैच की जरूरत नहीं पड़े तो वे जा सकते हैं।
कप्तानी की इच्छा तो नहीं
युवी टीम के उपकप्तान हैं और कई बार वे कप्तानी की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। वैसे उन्होंने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि महेंद्र सिंह धोनी को हटाकर कप्तान बनना वे कतई नहीं चाहेंगे। युवराज सिंह और धोनी में यदि जल्दी विवादों का अंत नहीं होता है तो टीम पर इसका विपरीत असर पड़ेगा जबकि टीम के सीनियर्स सौरव, राहुल व सचिन तेंडुलकर के रहते ऐसा कभी नहीं होता था।