फिल्मों में आतंक
साहित्य, कला और आतंक: बहस
फिल्मकार आतंकवाद को एक फामरूले की तरह इस्तेमाल करते हैं और इसकी जड़ों में पहुंचने का प्रयास नहीं करते। सरकार और समाज की इस मामले में फामरूला सोच में पीड़ित है।मानव बम पर संतोष शिवन नेएक गंभीर फिल्म बनाई थी।
शेखर कपूर ने अपनी अंग्रेजी फिल्म ‘फोर फीदर्स’ में आधुनिक आतंकवाद की जड़ को ब्रिटिश साम्राज्यवाद में छुपा होने का संकेत किया था। इस अंतरराष्ट्रीय समस्या का गहन अध्ययन अभी तक किया नहीं गया है। सारे प्रयास सतही है। ‘असासीनस सांग’ नाम उपन्यास गंभीर प्रयास है।
करण जौहर आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर दो फिल्मों की योजना बना रहे हैं। एक फिल्म लंदन में बसे भारतीय मुसलमान की कहानी है जिसकी हिंदुस्तानी बीबी को मालूम पड़ता है कि उसका शौहर आतंकवादी है और लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से एक प्लेन को हाइजैक करने की योजना बना रहा है। वह अपने शौहर के खिलाफ बगावत करती है और उसका घर छोड़कर चली जाती है। इस जुदाई की वजह से शौहर की आंखें खुलती है।
करण जौहर स्वयं जिस फिल्म को निर्देशित करने वाले हैं उस फिल्म के नायक शाहरूख खान है। अमेरिका में बसे इस भारतीय मुसलमान को 9/11 के बाद शक की निगाह से देखा जाता है। मणिरत्नम ने ‘रोजा’ भारतीय इंजीनियर को कश्मीर में अपहरण के शिकार होते हुए दिखाया था और उसकी नवविवाहिता सरकार से सहायता की दुहाई करती है।
मणिरत्नम की शाहरूख-मनीषा-प्रिटी जिंटा अभिनीत ‘दिल से’ में मनीषा उत्तरपूर्व के किसी प्रदेश की मानवीय बम है जो दिल्ली में 26 जनवरी के समारोह को ध्वस्त करना चाहती है इस फिल्म के नायक नायिका की पहली मुलाकात लद्दाख में हुई थीं। विनोद चौपड़ा की ‘मिशन कश्मीर’ में आतंकवादी के पुत्र को भारतीय पुलिस अफसर पाल पोसकर युवा करता है, परंतु वह भी गुमराह हो जाता है। आमिर खान अभिनीत ‘सरफरोश’ इस विषय पर बहुत ही सार्थक फिल्म थी।
एमवाय अस्पताल में वर्षो से पड़े सैकड़ों विसरा सेम्पल गायब हो गए लेकिन कब और कहां? किसी को नहीं पता। लंबे समय से थानों के पुलिसकर्मियों द्वारा सेम्पल नहीं ले जाने से इन्हें नष्ट करने की बात सामने आई है। सेम्पल कब और किसके आदेश से नष्ट हुए हैं, इसकी जानकारी भी किसी के पास नहीं है।
पेरिस हिल्टन के पूर्व ब्वायफ्रेंड रिक सैलमन ने जब पेरिस का सेक्स वीडियो बेचने की घोषणा की थी तब कहा गया था कि पेरिस बहुत डर गई है। हालांकि बाद में यह अफवाह निकली। पेरिस को इस टेप से 6 लाख डॉलर मिले। पेरिस कहती है कि उसे इस टेप की बिक्री से कोई राशि नहीं मिली है लेकिन उसे अच्छी खासी चर्चा मिल गई है।
बेवॉच गर्ल पामेला एंडरसन ने अपने सेक्स टेप की बिक्री के लिए पूर्व पति टॉमी ली के साथ काफी झगड़ा किया था लेकिन इसे इंटररेट पर रिलीज होने से रोक नहीं सकी। इसके बाद से ही वह अदालतों के चक्कर काट रही है। उसे डर है कि कहीं पूर्व ब्वायफ्रेंड ब्रेट माइकल्स के साथ वाला उसका टेप इंटरनेअ पर रिलीज न हो जाए।
लोरेन कोनार्ड ने पहले तो अपना कोई सेक्स वीडियो होने से इंकार किया था लेकिन जब उसका वीडियो इंटरनेट पर आया तो इसके लिए उसने अपने पूर्व ब्वायफ्रेंड स्पैन्सर प्रैट, अपनी दोस्त हीदी मोंटेग पर यह आरोप लगाया कि वे उसे बदनाम करने के लिए ऐसा कह रहे हैं। इसके बाद कोनार्ड और हीदी की दोस्ती टूट गई। हालांकि बाद में स्पैन्सर ने आरोप लगाया कि यह सब कोनार्ड के नए प्रेमी ब्रॉडी जैनर का किया हुआ है।
चालू रूई वर्ष में विश्व स्तर पर रूई के उत्पादन में 3 प्रतिशत की कमी रही है। इसका प्रमुख कारण अमेरिका, चीन, पाकिस्तान आदि में उत्पादन कम होना है जबकि भारत के उत्पादन में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि होने के समाचार हैं।
कहते है ना बदनाम हुए तो क्या हुआ, नाम तो हुआ। वही हाल बिक्टोरिया बेकहम का है। उन्हें यह अच्छी तरह से पता है कि न्यूज में कैसे रहा जाता है। बिक्टोरिया बेकहम को इस साल सबसे खराब ड्रेस की खिताब से नवाजा गया है।
मल्लिका शेरावत ‘मान गए मुगले आजम’ नामक हास्य फिल्म में नौशाद-शकील की अमर रचना ‘प्यार किया तो डरना’ के अनु मलिक द्वारा पुन: बनाए गए संस्करण पर मधुबाला की अदा में नृत्य प्रस्तुत करने जा रही हैं। इस हास्य फिल्म में किस दृश्य के अनुरूप यह गीत प्रस्तुत किया जा रहा है, यह बताना कठिन है परंतु ‘मुगले आजम’ में यह मामूली परिवार में जन्मी अनारकली का विद्रोह गीत है और इश्क के सामने एक शक्तिशाली शहंशाह के नजरें झुकाने का दृश्य है- ‘परदा नहीं जब कोई खुदा से, बंदों से परदा करना क्या।’
बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) के पायलट कॉरिडोर की लागत बढ़ने के साथ पेचीदगियां भी बढ़ रही है। कभी एक हिस्सा एलिवेटेड बनाने की बात उठी तो कभी चौड़ाई बढ़ाने की। शुरुआत में इसकी लागत 98.70 करोड़ रुपए आंकी थी। उतने में पहली बार टेंडर नहीं आए। दूसरी बार 137.70 करोड़ रुपए में काम देना तय हुआ।
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लगता है वे दिन बीत गए। बर्थ डे पार्टी में बहुत ही निकट के जिन्हें आप क्लोज फ्रंेड्स कह सकते हैं, उनके बगो और बर्थडे बॉय या गर्ल के पांच-छह फेंड्र्स ही बुलाए जाते थे। मम्मी लोग बगाों को पार्टी में भेजने से पहले कई समझाइश देकर भेजती थीं।
अदाकारा बिपाशा बसु ने बांग्ला प्रेम और काम के प्रति अपनी लगनशीलता का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम कर दी है। उन्होंने अपनी बंगाली फिल्म की शूटिंग को पूरा करने के लिए अपनी सालाना छुट्टियां कुर्बान कर देने का फैसला किया है। ज्ञात हो कि रितुपर्णो घोष द्वारा निदेशित यह फिल्म सब चोरित्र काल्पोनिक बिपाशा की पहली बंगाली मूवी है।
वर्ष 2008 में पड़ने वाले विक्रमीय संवत्सर के योगों में शनि व मंगल का वक्री होना असंतोष व राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देगा। युद्ध, उन्माद या आतंकवाद से जनजीवन प्रभावित होने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह योग वित्त की हानि व पशुधन में कष्ट पहुंचाने वाला भी है।
घर का मुख्य द्वार सभी सुखों को देने वाला होता है। यह भवन का मुख्यांग होने के कारण एक प्रकार से मुखिया है। वास्तुपद रचना के अनुसार यदि द्वार की स्थिति सही हो तो कई दोषों का स्वत: ही निवारण हो जाता है और सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य व यश-कीर्ति में वृद्धि होती है।

